जेल से बाहर आते हुए विकुल चपराना...स्रोत सोशल मीडिया
मेरठ। तेजगढ़ी चौराहे पर छोटी दीपावली के दिन कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद व्यापारी सत्यम रस्तोगी से नाक रगड़वाकर अपमानित करने के चारों आरोपियों को जमानत मिले गई। सोमवार देर रात को भाजपा नेता विकुल चपराना, काजीपुर निवासी हैप्पी भड़ाना, सेक्टर तीन शास्त्रीनगर निवासी आयुष शर्मा और सुबोध यादव जेल से रिहा हो गए। गौरतलब है कि विकुल चपराना ने ऊर्जा राज्यमंत्री का नाम उलेकर रौब झाड़ा था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा था। इसमें विकुल को दो बार गिरफ्तार किया गया और समझौत के बाद अब वह सभी रिहा हो गए।
दरअसल, व्यापारी से नाक रगड़वाने के मामले में पुलिस ने 22 अक्तूबर को हैप्पी भड़ाना, आयुष शर्मा और सुबोध यादव को जेल भेजा था। जबकि धाराएं बढ़ाकर विकुल चपराना को 24 अक्तूबर की रात को गिरफ्तार कर 25 अक्तूबर को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा था। भाजपा नेताओं बृहस्पतिवार 30 अक्तूबर को दोनों पक्षाें के बीच समझौता कराकर मामले का पटाक्षेप कर दिया था। व्यापारी सत्यम की ओर से शपथ पत्र एसएसपी को दिया गया। शपथ पत्र के आधार पर बढ़ाई गई धाराएं हटा दी गई और इसी आधार पर उनको जमानत मिल गई। इस प्रकरण में चारों आरोपियों के अधिवक्ता के ओर से एसीजेएम कोट संख्या-3 नदीम अनवर के न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया था और सभी की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया गया। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि कोर्ट से जमानत मिलने पर विकुल चपराना, हैप्पी भडाना, आयुष शर्मा व सुबोध यादव को जेल से रिहा कर दिया। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
यह था प्रकरण
रविवार 19 अक्तूबर का रात दस बजे तेज गढ़ी चौराहे के पास कार पार्किंग को लेकर श्याम विहार निवासी भाजपा नेता विकुल चपराना का शास्त्रीनगर निवासी हैंडलूम व्यापारी सत्यम रस्तोगी से विवाद हो गया था। विकुल ने राज्यमंत्री डॉ सोमेंद्र तोमर के नाम का रौब दिखाते हुए व्यापारी से अभद्रता की। इतना ही नहीं, उनसे नाक रगड़वाकर माफी भी मंगवाई। मौके पर पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। इसका एक वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और सत्यम के भाई आदित्य की ओर से मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी विकुल को गिरफ्तार किया था। मगर तब धाराएं कम होने पर विकुल को तत्काल जमानत मिल गई थी। भाजपा जनप्रतिनिधियों ने खुद एसएसपी से मिलकर आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की थी। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने रास्ता रोकने, बलवा, अवैध वसूली, तोड़फोड़ करने की धाराएं बढ़ाकर काजीपुर निवासी हैप्पी भड़ाना, सेक्टर तीन शास्त्रीनगर निवासी आयुष शर्मा और सुबोध यादव को जेल भेजा। बाद में मुख्य आरोपी विकुल चपराना को भी फिर से बिजली बंबा बाईपास से गिरफ्तार कर जेल भेजा। एसएसपी ने कीर्ति पैलेस चोकी प्रभारी समेत तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर और मेडिकल थाना प्रभारी निरीक्षक शीलेश यादव को निलंबित कर दिया था। इस मामले में विपक्ष ने जब भाजपा को घेरा तो भाजपा नेताओं ने ही दोनों पक्षों में समझौता कर दिया।
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