वेदव्यासपुरी का मिनी स्टेडियम विकास के ट्रैक पर फर्राटा भरने को फिर से तैयार है। विरोध करने वाले किसान अब काम शुरू कराने के लिए राजी हो गए हैं। उनका कहना है कि जब एमडीए हमारा सहयोग कर रहा है तो हम भी विकास के कार्यों को नहीं रोकेंगे। स्टेडियम 29 हजार वर्ग मीटर में 25 करोड़ की लागत से तैयार होगा। इसमें हॉकी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबाल खेलने की व्यवस्था होगी। यहां युवाओं के कॅरियर को पंख लगेंगे।
यह है स्टेडियम का प्रस्ताव
यह स्टेडियम प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार है। सूबे के सीएम खुद इस बाबत कई बार बात कर चुके हैं। लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया। वेदव्यासपुरी में 29 हजार वर्ग मीटर में इसका निर्माण हो रहा है। सरकार ने कहा है कि यहां सभी अहम खेल होंगे, ताकि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर भविष्य मिल सके।
किसानों ने रोक दिया निर्माण
यहां ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण चल रहा था, तभी वेदव्यासपुरी के किसानों ने इस काम बंद करा दिया। किसानों का कहना है कि एमडीए उनके साथ धोखा कर रहा है। दरअसल, बोर्ड बैठक में एमडीए और किसानों के बीच यह समझौता हुआ कि प्रतिकर के बदले एमडीए किसानों को भूखंड देगा। पिछले साल 11 नवंबर को यह समझौता हुआ था। तीन माह में इस पर काम करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन नौ माह से ज्यादा समय होने के बाद भी समझौता परवान नहीं चढ़ा। ऐसे में इससे जुड़े वेदव्यासपुरी, लोहियानगर तथा गंगानगर के किसान नाराज हैं। उन्होंने योजनाओं में चल रहे निर्माण कार्य बंद करा दिए। वीसी योगेंद्र यादव ने सकारात्मक रुख दिखाया तो इसके यहां बन रहे बिजलीघर का निर्माण शुरू करा दिया गया, लेकिन स्टेडियम का काम बंद करा दिया गया।
किसान मानने को तैयार
स्टेडियम निर्माण के लिए सीएम कार्यालय से फिर फरमान आया है। इससे एमडीए अधिकारी परेशान हैं। वहीं समझौते में यह भी लिखा है कि योजनाओं में किसान काम बाधित नहीं करेंगे। एमडीए अधिकारी इसकी जानकारी भी शासन को भेज रहे हैं। पूर्व में यह भी कहा जा चुका है कि किसान खुद ही समझौता तोड़ रहे हैं। उधर, वीसी ने समझौता लागू करने का आश्वासन देते हुए तहसीलदार करनवीर सिंह और मांगेराम चौहान को कहा है कि जल्द ही किसानों की फाइलें तैयार की जाएं। किसानों का कहना है कि वह भी स्टेडियम का काम शुरू करने देंगे। यदि एमडीए अधिकारी सकारात्मक कदम उठा रहे हैं तो उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
21 से फाइलें जानी शुरू होंगी
इस बाबत सोमवार को किसान अनिल चौधरी आदि तहसीलदार करनवीर सिंह से मिले। कहा कि वे स्टेडियम पर काम शुरू कराने को तैयार हैं पर उनकी फाइलें एसएलओ (विशेष भू अध्याप्ति अधिकारी) के यहां भेजनी तो शुरू करो। अभी तो कुछ है ही नहीं। इस बाबत पर तहसीलदार ने कहा कि 21 या 22 सितंबर से फाइलें एसएलओ के यहां भेजनी शुरू कर दी जाएंगी। इस पर किसानाें ने तत्काल कहा कि एमडीए कल से ही स्टेडियम पर काम शुरू करा सकता है। लेकिन यदि वादा खिलाफी हुई तो फिर से काम बंद कर दिया जाएगा।
पटवारियों से नाराज हैं किसान
एमडीए लेखपालों से किसान खासे नाराज हैं। उन्होंने शिकायत कि लेखपाल सही ढंग से बात नहीं कर रहे हैं और किसानों को कहते हैं कि किस बात का पैसा चाहिए। उन्होंने कह कि वे किसानों के सब्र का इम्तिहान न लें। इस पर तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों से ही बात करें। जब काम हो रहा है तो कोई कर्मचारी अडंगा भला कैसे लगा सकता है।