शहर भर में विजय दशमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बुराई पर अच्छाई का वाण चला और अहंकारी रावण, कुंभकरण और मेघनाद का अंत हो गया। शहर में विभिन्न छोटी बड़ी श्रीराम लीलाओं में दर्जन भर स्थानों पर रावण दहन किया गया। शाम ढलते ही रामलीला मैदानों में पहुंचे श्रद्धालुओं भीड़ में श्रीराम के जयकारे गूंज रहे थे। श्रीराम और रावण सेना के बीच भीषण युद्ध हुआ और अहंकारी रावण का अंत हो गया।
छावनी स्थित भैसाली मैदान में आयोजित विजय दशमी मेले का उद्घाटन रिकिन अहलूवालिया और स्वाति अहलूवालिया ने किया। आतिशबाजी के बीच जलते हुए गुब्बारे उड़ाए गए। विधि विधान से पूजन हुआ, दीप प्रज्ज्वलन का सौभाग्य पवन कुमार जैन, अजय जैन, राहुल जैन, योगेश जैन को प्राप्त हुआ। पूजन कर्ता रवि माहेश्वरी, अमर माहेश्वरी और शुभम माहेश्वरी रहे। आनंद प्रकाश गर्ग, मीना गर्ग, अशोक गर्ग, सरिता गर्ग ने राम आरती की।
कार्यक्रम अध्यक्ष सांसद राजेंद्र अग्रवाल और संयोजक विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल ने श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डाला। मेले में श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। श्रीराम द्वारा छोड़े गए वाण से रावण की नाभि का अमृत सूख और उसकी मृत्यु हुई। अतिथि के रूप में अभय गुप्ता, डॉ. राम कुमार गुप्ता, राहुल गुप्ता, रमेश चंद्र लोधी, कोमल लोधी मौजूद रहे। इसके अलावा पवन गर्ग, विजय गोयल, गणेश अग्रवाल, राजेश खन्ना, मोहन लाल गर्ग, राजीव मित्तल, संजय माहेश्वरी, जुगल किशोर गर्ग समिति सदस्य मौजूद रहे।
मृत्यु के बाद फिर जीवित हुआ रावण
दिल्ली रोड रामलीला मैदान में मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष दयानंद गुप्ता ने किया। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी रहे। मंचन में कलाकारों ने दिखाया कि रावण को श्रीराम बार-बार मारते, लेकिन प्रत्येक बार वह जीवित हो जाता। विभीषण के बताने पर श्रीराम ने रावण की नाभि में वाण मारा, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मेले में विशेष आतिशबाजी की गई। लीला का समापन सुरेंद्र प्रताप ने किया। जितेंद्र मणि, मनोज अग्रवाल, डॉ. रामकुमार गुप्ता, कमल वर्मा, राकेश गर्ग, द्वारका नाथ चौबे, मनोज माहेश्वरी, अशोक बंसल, पंकज अग्रवाल, सचिन जिंदल, मनोज गुप्ता, राकेश गुप्ता, राकेश गर्ग, अंशुल बंसल, मनीष गुप्ता, गगन शर्मा आदि मौजूद रहे।
रावण ने लक्ष्मण को दिया उपदेश
प्रह्लाद नगर श्रीराम नाटक क्लब में दशहरा महोत्सव मनाया गया। लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित जन प्रतिनिधियों ने दशहरे की बधाई दी। स्थानीय कलाकारों श्रीराम और रावण के युद्ध का मंचन किया। रावण की मृत्यु से पूर्व श्रीराम ने लक्ष्मण को रावण के पास भेजा, लेकिन लक्ष्मण रावण के सिर के पास खड़े हो गए। इस पर रावण ने लक्ष्मण से कहा शत्रु अगर मृत्यु शैय्या पर भी पहुंच गया हो तो उससे कुछ दूरी पर रहो। शत्रु पर भरोसा करना मूर्खता होती है। अवतार सिंह गुंबर, अश्वनी भारद्वाज, अशोक मलाई, सोमनाथ, अजय भारद्वाज, अशोक पहुजा, हरीश गुंबर, अनु भोला मौजूद रहे।