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दिल्ली में विभांशु का अभी नहीं हुआ अंतिम संस्कार

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दिल्ली में विभांशु का अभी नहीं हुआ अंतिम संस्कार
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मेरठ। सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता और महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल के पीएसओ विभांशु वशिष्ठ ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि ऐसा भी दिन आएगा। जिस पार्टी के लिए दिन -रात एक किया आज वहीं लोग उसके शव लाने के लिए भी एक-दूसरे का मुंह देख रहे हैं। विभांशु वशिष्ठ की मौत को 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन शव का अंतिम संस्कार अभी नहीं हो पाया है। दिल्ली सरकार ने सिर्फ परिवार वालों को शव देने के लिए कहा है, लेकिन परिवार में ऐसा कोई नहीं है जो विभांशु का अंतिम संस्कार भी कर सके।
पिछले सप्ताह पिता के कोरोना संक्रमित होने के बाद परिवार के सामने पहाड़ टूट पड़ा। पहले पिता की मौत हुई तो उन्हें अपने दोनों पुत्रों के कंधे नसीब नहीं हुए। वहीं, अब पुत्र की मौत के बाद परिवार वालों का कोई सहारा नहीं है। भाई और मां क्वारंटीन हैं। वहीं, चाचा की भी तबीयत खराब है। विभांशु वशिष्ठ की मृत्यु के बाद बताया गया कि दिल्ली में उनके मौसा और मौसी शव लेकर जाएंगे और वहीं अंतिम संस्कार होगा। यह बात अमर उजाला से उनके चाचा ने भी कही, लेकिन शनिवार को जब हिमांशु वशिष्ठ के चाचा से बात हुई तो उन्होंने बताया विभांशु का शनिवार दोपहर तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ है क्योंकि दिल्ली सरकार ने शव देने से इंकार कर दिया। कहना था कि रक्त संबंधी को ही शव दिया जा सकता है। जिस कारण विभांशु के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
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प्रशासन और भाजपाइयों पर सवाल
विभांशु का शव दिल्ली से मेरठ लाने के लिए प्रशासन ने भी कोई पहल नहीं की। वहीं, भाजपाई भी इससे बच रहे हैं। जबकि सत्ताधारी पार्टी होने के बावजूद ऐसा नहीं कि शव को मेरठ न भेजा जाए। इससे भी इनकी कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। एक तो पहले ही परिवार के इलाज में लापरवाही के कारण पिता-पुत्र को अपनों से छीन लिया। इस बारे में शासन तक शिकायत की गई।
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