अभी कई स्थानों पर हैं अड़चनें
एक्सप्रेसवे में अभी कई स्थानों पर काम बाकी है। बारिश के चलते एक माह से ज्यादा समय तक इसमें बाधा आएगी। डासना से मेरठ तक कई स्थानों पर स्ट्रक्चर का काम बचा हुआ है। मिट्टी लेवलिंग होने के बाद इन स्ट्रक्चर को आपस मे लेवल किया जाना है।
वहीं, परतापुर तिराहे पर रेलवे आरओबी को मिट्टी के लेवल तक ले जाने के बाद परतापुर तिराहे के फ्लाईओवर तक जोड़ना है। एक्सप्रेस-वे का इंटरचेंज होने के चलते परतापुर तिराहा मुख्य केंद्र है। यहां काफी काम बचा है।
किसानों का विरोध जारी
इसके अलावा 26 गांवों के किसान भी एक्सप्रेसवे निर्माण में रोड़ा अटका रहे हैं। हाल ही में दो दिन किसानों की वजह से काम बंद रहा। डीएम गाजियाबाद अजय शंकर पांडेय ने 13 जुलाई को परिवहन मंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खत्म हुआ। किसान एक समान मुआवजे की बात पर अड़े हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे एक नजर
पहला चरण- हजरत निजामुद्दीन से यूपी गेट (8 किमी) -पूर्ण
दूसरा चरण- यूपी गेट से डासना (करीब 20 किमी) - करीब 70 प्रतिशत काम पूर्ण
तीसरा चरण- डासना से हापुड़ (22 किमी) - पूर्ण
चौथा चरण- डासना से मेरठ (32 किमी) - करीब 65 प्रतिशत काम पूर्ण