ट्रैफिक पुलिस वसूली लक्ष्य पूरा करने के चक्कर में शहर में लग रहे जाम पर ध्यान नहीं दे रही है। आए दिन लोग जाम से जूझ रहे हैं। सोमवार को भी बेगमपुल, बच्चा पार्क, इंदिरा चौक, हापुड़ अड्डा, दिल्ली रोड पर जाम लगने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस का ध्यान जाम खुलवाने से ज्यादा चालान काटने में रहा।
नवरात्र शुरू होने से पहले ही पुलिस अधिकारियों ने शहर को जाम मुक्त कराने के दावे किए थे। रोज लगने वाली पैंठ, अतिक्रमण के कारण यह दावे फेल साबित हो रहे हैं। इस बीच लखनऊ से ट्रैफिक पुलिस को एक माह का विशेष अभियान चलाकर मेरठ से 75 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य दे दिया गया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस यातायात व्यवस्था पटरी पर लाने से ज्यादा लक्ष्य पूरा करने पर ध्यान देने में जुट गई। सोमवार को जीरो माइल से लालकुर्ती पैंठ बाजार तक भीषण जाम लग गया। लोगों को यहां से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। बेगमपुल पर तैनात एक सिपाही और होमगार्ड जाम के सामने बेबस नजर आए। जबकि कुछ दूरी पर ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काटने में लगी रही। रेलवे रोड चौराहे से मेट्रो प्लाजा तक वाहनों कीं लंबी कतार लग गई। वाहन चालकों को एक किमी की दूरी पार करने में आधा घंटे से ज्यादा समय लग गया। वहीं घंटाघर से छतरी वाला पीर, खैरनगर, बच्चा पार्क चौराहा और ईव्ज पर भी लोग घंटों जाम से जूझे। कचरही पुल, ईव्ज चौराहे से अंबेडकर चौराहा पर भी ऐसा ही हाल रहा। वहीं स्कूल के बच्चों के वाहन भी जाम में जूझते रहे।
पैंठ के कारण रेंगते रहे वाहन
हापुड़ अड्डा से इंदिरा चौक तक साप्ताहिक पैंठ लगने से दिनभर वाहन रेंगते रहे। ट्रैफिक पुलिस एक स्थान पर जाम खुलवाती तो दूसरे स्थान पर जाम लग जाता। कई स्कूलों के बच्चे भी जाम में फंसे रहे। गर्मी के कारण उनका बुरा हाल रहा।
240 वाहनों के काटे चालान
ट्रैफिक पुलिस ने शहर में दो दिन में 240 वाहन के चालान काटे। पुलिस ने एक अक्तूबर को 11, 700 और दो अक्तूबर को 18, 700 समन शुल्क वसूला।