मेरठ। शिक्षण संस्थाओं में शनिवार को भी वंदे मातरम गूंजा। इसके साथ ही चित्रकला सहित अन्य प्रतियोगिताएं कराई गईं। कनोहर लाल स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में छात्र कल्याण संघ की ओर से राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर नई पीढ़ी के लिए संदेश कार्यक्रम किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संस्कृत विभाग की डॉ. अर्चना प्रिया आर्य रहीं। प्राचार्य प्रो. किरण प्रदीप ने छात्राओं से कहा कि वर्तमान समय में वंदे मातरम गीत सभी नागरिकों को रोज गाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक गीत ही नहीं बल्कि भारतवासियों के लिए ऊर्जा का स्त्रोत भी है। कार्यक्रम का संयोजन छात्र कल्याण संघ की डीन डॉ. राखी त्यागी ने किया।
शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला महाविद्यालय में संगीत विभाग की छात्राओं ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाया। प्राचार्य प्रो. अंजू सिंह ने छात्राओं से कहा कि यह गीत हमारी मातृभूमि के प्रति प्रेम, समर्पण और गर्व का प्रतीक है। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. शालिनी वर्मा और डॉ. गौरी ने किया।
इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में जागरूकता व्याख्यान किया गया। इसके साथ ही रैली निकाली गई। मुख्य वक्ता मनोविज्ञान विभाग प्रभारी प्रो. वंदना शर्मा और हिंदी विभाग प्रभारी प्रो. दीपा त्यागी ने छात्राओं को राष्ट्रीय गीत का महत्व बताया। कार्यक्रम का संयोजन नोडल अधिकारी व रेंजर्स प्रभारी डॉ. स्वर्णा, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नेहा सिंह और डॉ. एकता चौधरी ने किया।
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भारत माता के आकर्षक चित्र बनाए
मोदीपुरम। रुड़की रोड स्थित डीएमजी इंटर कॉलेज में शनिवार को सामूहिक रूप से वंदेमातरम का गायन किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. आरके सिंह के साथ डॉ. निधि जैन व छात्र-छात्राओं ने प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय गीत गाया। चित्रकला प्रतियोगिता कराई गई। अतिका, अजय कुमार, अंशु, गुंजन और तरुण कुमार ने भारत माता के आकर्षक चित्र बनाए। प्रधानाचार्य ने मिशन शक्ति के तहत नारी शक्ति मंच का पुनर्गठन करते हुए छात्राओं को आत्मनिर्भर करने के लिए जागरूक किया। इस दौरान अमित चतुर्वेदी, डॉ. कृष्ण कुमार, विक्रम सिंह, राशि, संगीता, अलका आदि मौजूद रहे। संवाद
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