एक अप्रैल से 45 साल से ज्यादा उम्र वाले सभी लोगों को टीकाकरण शुरू हुआ है। तब से ज्यादा लोग लगवा रहे हैं, इस कारण वैक्सीन की कमी चल रही है। कोवैक्सिन का तो टीकाकरण बंद कर ही दिया है, सिर्फ उसकी बूस्टर डोज लगाई जा रही है।
जो वैक्सीन है वह सिर्फ कोविशिल्ड है। अब जो वैक्सीन आई है, वह भी कोविशिल्ड ही है। यह हालत तब हैं जबकि सेना के लिए आई वैक्सीन भी स्वास्थ्य विभाग ही इस्तेमाल कर रहा है, नहीं तो यह संकट और बड़ा होता।
बूस्टर डोज से एक हजार लोग रह सकते हैं वंचित
कोवैक्सिन की बूस्टर डोज से भी करीब एक हजार लोग महरूम रह सकते हैं। दो हजार लोगों को अभी कोवैक्सिन की बूस्टर डोज लगनी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास महज एक हजार डोज ही हैं। अगर जल्द ही और डोज नहीं आई तो संकट होगा।
नहीं होने देंगे संकट
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि कोवैक्सिन की बूस्टर डोज अभी हैं, जो कमी है उसे मंगवा लिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि टीकाकरण सुचारु रूप से चलता रहे। बाकी जगह दिक्कत है, लेकिन मेरठ कोवैक्सिन की बूस्टर डोज भी अभी लग रही है।