वाहन बेच चुके लोग परेशान
ई-चालान में उन लोगों पर भी बोझ पड़ रहा है। जिन्होंने अपने वाहन दूसरों को बेच दिए हैं। वाहन खरीदने वाले का नाम आरटीओ में दर्ज नहीं हैं। ऐसे में जिसके नाम वाहन का रजिस्ट्रेशन है, चालान उसके पते पर ही पहुंच रहे हैं। इससे वे बेवजह परेशान हैं।
नियमानुसार अब नहीं भेजने चाहिए चालान
लॉकडाउन के समय के ई-चालान तीन माह में घर पहुंच जाने चाहिए थे। यदि लॉकडाउन के चालान अब घर पहुंच रहे हैं तो यह गलत है। ट्रैफिक पुलिस को यह चालान खत्म कर देने चाहिए।
- अरविंद भाटी, अधिवक्ता
निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही भेजे जा रहे चालान
ई-चालान तीन माह बाद न्यायालय भेजे जाते हैं। लॉकडाउन के समय प्रिंट नहीं निकले थे। डाक से भी नहीं भेजे जा सके। अब प्रक्रिया के तहत जून, 2020 तक के चालान भेज दिए गए हैं।
- जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक
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