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पुलिस भर्ती 2018: ये नियम देख हैरान रह गए अभ्यर्थी, लंबाई में कर रहे थे बड़ा खेल

Sat, 08 Dec 2018 06:48 PM IST
मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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अभ्यर्थी के पैर के नीचे कागज लगाता सिपाही आैर मौके पर मौजूद एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी - फोटो : अमर उजाला
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यूपी पुलिस में वर्दी पहनने की चाहत में अभ्यर्थी एड़ी तक का जोर लगा रहे हैं। लेकिन 168 सेंटीमीटर लंबाई का दावा करने वाले अभ्यर्थियों की इतनी कड़ी जांच हो रही है कि उनके होश फाख्ता हैं। खुद अभ्यर्थियों को यकीन नहीं हो रहा है कि बाल बराबर लंबाई कम होने से वह बाहर हो जायेंगे। पुलिस लाइन में मेरठ, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत और गाजियाबाद के अभ्यर्थियों की नापतौल, सत्यापन और दौड़ प्रक्रिया चल रही है। 

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निर्देशों पर हो रहा काम
भर्ती बोर्ड के निर्देशों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जो अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं, उनकी रिपोर्ट भर्ती बोर्ड को भेजी जा रही है। कई बार अभ्यर्थी लंबाई पूरी होने का दावा करते हैं। ऐसे में कागज से पूरी परख की जाती है। - संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक/भर्ती के नोडल अधिकारी

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मानक लंबाई है 168 सेंटीमीटर
यूपी पुलिस में 48 हजार सिपाहियों की भर्ती के लिए नापतौल प्रक्रिया पुलिस लाइन में चल रही है। जांच पैनल में सीओ, इंस्पेक्टर, और शिक्षा विभाग के अधिकारी हैं। पुरुष अभ्यर्थी के लिए 168 सेंटीमीटर लंबाई मानक है। ऐसे में 167.5 सेंटीमीटर लंबाई होने पर अभ्यर्थी दावा करते हैं कि उनकी लंबाई पूरी है। इस स्थिति में जांच के लिए अभ्यर्थी को लंबाई नापने की इलेक्ट्रानिक मशीन पर खड़ा करते हैं। कई बार अभ्यर्थी सांस खींचकर लंबाई बढ़ाने का प्रयास करते हैं, इसलिए अभ्यर्थी के दोनों पैरों की एड़ी के नीचे प्लेन ए-4 कागज लगाया जाता है। सिपाही या दरोगा कागज को बची हुई साइड से पकड़ लेते हैं। अब अभ्यर्थी से कहा जाता है कि वह सीधा देखे। यदि कागज पुलिस के द्वारा खींचने पर खिंच गया तो माना जाएगा कि अभ्यर्थी ने एड़ी उठाकर लंबाई बढ़ाने का प्रयास किया। 168 सेमी की लंबाई पर भी कागज लगाया जा रहा है। दो दिन में लंबाई कम होने पर 23 अभ्यर्थी बाहर हुए।

सांस खींचने पर गिनवाई जा रही गिनती
लंबाई की नाप में अभ्यर्थी से गिनती भी गिनवाई जा रही है, ताकि वह सांस खींचकर न खड़ा हो। नापतौल कक्ष में अभ्यर्थी की सामने लगी घड़ी दिखाकर बताया जाता है कि एक मिनट तक लगातार गिनती पढ़े। इससे अभ्यर्थी सांस नहीं रोक पाता और सही लंबाई का पता चल जाता है।

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