कंप्यूटर साइंस से इंजीनियर बनना है सपना
उत्कर्ष ने अपनी इस कामयाबी में सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। पिता ने बताया कि पढ़ाई से संबंधित चीजों के लिए ही उत्कर्ष मोबाइल का सहारा लेता था। वह लगभग अधिकांश समय पढ़ाई के लिए देता था। खेलों में भी उसकी रूचि न के बराबर है। किताबें ही उसकी दोस्त हैं और किताब ही उसकी कमजोरी। उत्कर्ष का सपना कंप्यूटर साइंस से इंजीनियर बनने का है। बताया कि उनकी पत्नी गीता भी उसकी पढ़ाई में सहयोग करती हैं।
बेटा होता पास तो गले लगा लेता
दीपेंद्र खोखर ने कहा कि परिवार के लिए आज का दिन बेहद खास है लेकिन परिवार के पास न होने के कारण वह इस पल को काफी मिस कर रहे हैं। कहा कि इकलौते बेटे ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया, आज बेटा उनके पास होता तो वह भागकर उसे गले लगा लेते। कहा कि जब परिजनों ने कॉल पर उन्हें उत्कर्ष के परीक्षा परिणाम की सूचना दी तो वह खुशी से झूम उठे, पर मलाल यह रहा है कि वह इस खुशी को बांटने के लिए परिवार के बीच में नहीं हैं।