रासना में बाबा गुलाम हुसैन की याद में उर्स मुबारक का आयोजन, अमन चैन की दुआ मांगी
सरूरपुर। गांव रासना स्थित बाबा गुलाम हुसैन के पीर पर 14वें उर्स मुबारक का बुधवार को आयोजन किया गया। दूर दराज से आए सैकड़ों अकीदतमंदों ने चादरपोशी करते हुए अमन चैन की दुआएं मांगी। अकीदतमंदों ने बाबा गुलाम हुसैन की याद में लगाया गया लंगर चखा।
गांव रासना में बुधवार को पीर बाबा गुलाम हुसैन के 14वें उर्स मुबारक का आयोजन किया गया। बाबा की मजार हिंदू-मुस्लिम सहित सभी धर्म के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। यहां सभी वर्ग के लोग पूरी आस्था के साथ अपनी बिगड़ी तकदीर संवारने की कामना लेकर आते हैं। बुधवार सुबह मजार शरीफ में संदल, गुस्ल के बाद कुरान ख्वानी एवं नात ख्वानी हुई। दिनभर चादरपोशी कर मन्नतें मांगने वालों का तांता लगा रहा।
अकीदतमंदों ने बाबा गुलाम हुसैन की मजार पर चादरपोशी करते हुए फातिया पढ़ी। पीर के गद्दीनशीन बाबा रौनक अली शाह ने बताया कि कौम की बुराइयों को खत्म करने के लिए बाबा गुलाम हुसैन ने संघर्ष किया और अपने जीवन को खुदा के नाम पर कुरबान किया। बाबा ने हमेशा आपसी भाईचारे को बढ़ावा दिया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी अमरीश त्यागी और सचिन प्रधान ने पीर पर चादर चढ़ाते हुए मन्नत मांगी। गांव में बाबा की बुलंद झंडे के साथ सवारी निकाली गई।
बाबा शेख शहाबुद्दीन शाह साबरी चिश्तिया ने दुनिया में अमन चैन की दुआ के लिए खिताब फरमाया। मुख्तसर तकरीरी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कुल की फातिहा के साथ देर रात उर्स का समापन हुआ।
इस दौरान इदरीश त्यागी, ब्रजमोहन, बबली त्यागी, नरेंद्र, डॉ. नासिर, इमरान त्यागी, सचिन गुप्ता, हाजी मुबारिक, अशोक, संदीप सोनी, कुलदीप, निजाम, मुमताज, शिवकुमार, शमशाद, इरफान आदि रहे।