शामली। आदर्श मंडी थानाक्षेत्र में सहारनपुर हाईवे पर स्थित निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 64 वर्षीय महिला की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल पर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उन्होंने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही और परिजनों को बिना बताए ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। पुलिस ने समझाकर ग्रामीणों को शांत किया और शव का पोस्टमार्टम कराया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव बलवा निवासी प्रेमो पत्नी रामदिया कश्यप को परिजनों ने हृदय संबंधी समस्या होने पर 15 सितंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार रात को चिकित्सक ने उनका ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजन और ग्रामीण मंगलवार सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही करने और परिजनों की बिना जानकारी और मौजूदगी के ऑपरेशन करने का आरोप लगाया।
परिजनों ने कहा कि जिस समय ऑपरेशन किया गया उस समय वे घर पर थे। अस्पताल से उन्हें फोन कर अस्पताल जल्दी आने के लिए कहा। जब वे अस्पताल पहुंचे तो महिला की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने चार दिन में इलाज के नाम पर 70 हजार रुपये जमा कराने का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस दौरान ग्रामीण चिकित्सक के कक्ष में घुस गए। उनकी चिकित्सक के साथ जमकर नोंकझोक और धक्कामुक्की हुई।
हंगामे की सूचना पर आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पुलिस को शव देने से इंकार कर दिया। दोपहर में परिजनों व ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। इसके बाद भी शाम चार बजे तक ग्रामीण अस्पताल में धरने पर बैठे रहे। पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव में ले जाकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान संजीव शास्त्री, प्रभात मलिक, वैशर, मुकुल, आशु, अरविंद व पप्पन आदि मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि इस मामले में परिजनों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
एक सप्ताह पहले भी दो लोगों की मौत पर हुआ था हंगामा
इसी निजी अस्पताल में करीब एक सप्ताह पहले बनत निवासी व्यक्ति की बुखार से और जंधेड़ी निवासी किसान की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। उस समय दोनों के परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा किया था। पुलिस के समझाने पर दोनों के परिजन शव अपने-अपने गांव ले गए थे। उस समय भी पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई थी।