शामली। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को अब शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। इस बार प्रक्रिया का शेड्यूल बदल दिया गया है। इससे बच्चों को नियमित रूप से सत्र का लाभ मिलेगा और उनकी पढ़ाई बेहतर होगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 में गरीब परिवार के विद्यार्थियों को मार्च में ही प्रवेश दिया जाएगा। विगत वर्षों में जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया होती थी। इससे आधा सत्र बिना पढ़ाई के बीत जाता था। इससे विद्यार्थियों को नुकसान होता था। इसको देखते हुए प्रवेश प्रक्रिया के शेड्यूल में परिवर्तन किया गया है। इसके तहत प्रवेश प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू हो जाएगी। आवेदन चार चरणों में लिए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया एक अप्रैल से पूर्व समाप्त हो जाएगी। प्रथम चरण में एक से 19 दिसंबर तक आवेदन लिए जाएंगे। 20 से 23 दिसंबर तक सत्यापन होगा, 24 को लॉटरी व 27 दिसंबर तक विद्यालय आवंटन हो जाएगा। दूसरे चरण में एक से 19 जनवरी तक आवेदन, 20 से 23 जनवरी तक सत्यापन, 24 को लॉटरी और 27 तक स्कूल आवंटन होगा। तीसरे चरण में एक से 19 फरवरी तक आवेदन, 20 से 23 फरवरी तक सत्यापन, 24 को लॉटरी व 27 को स्कूल आवंटन होगा। चौथे चरण में एक से 19 मार्च तक आवेदन, 20 से 23 मार्च तक सत्यापन, 24 को लॉटरी व 27 मार्च तक स्कूल आवंटन हो जाएगा।
इस वर्ष भी आरटीई के तहत हुए 1668 के प्रवेश
जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताए इस वर्ष जनपद में आरटीई के तहत गरीब परिवार के 2100 बच्चों ने आवेदन किए थे, जिसमें चार चरणों की प्रवेश प्रक्रिया में जनपद के 203 निजी स्कूलों में 1668 छात्र-छात्राओं के प्रवेश कराए गए है। कुछ छात्रों ने मनपसंद विद्यालय न मिलने के कारण प्रवेश नहीं लिया था।
मदद के लिए बनेंगे हेल्प डेस्क
ऐसे अभिभावक जिन्हें ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने में कठिनाई होती है, उनके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। यहां उनके फॉर्म भरवाए जाएंगे। निजी स्कूलों में सीटों का विकल्प भरवाने और कौन-कौन से दस्तावेज लगाए जाने हैं, इसकी जानकारी दी जाएगी।
आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए आवेदन और लॉटरी की प्रक्रिया इस बार एक दिसंबर से चार चरणों में 24 मार्च तक की जाएगी। 27 मार्च तक सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
-लता राठौर, बीएसए