सरधना। नगर पालिका की बोर्ड बैठक में चेयरपर्सन सबीला बेगम की अध्यक्षता में विकास कार्यों के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद उन्हें पास कर दिया गया। सभासदों ने क्षेत्रीय विधायक अतुल प्रधान के सामने पालिका की लापरवाही का मुद्दा उठाया। बैठक में कई प्रस्तावों को लेकर हंगामा हुआ।
नगर पालिका सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में नगर में सफाई व्यवस्था, प्रकाश व सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में कई मुद्दों को लेकर हंगामा हुआ। सभासदों ने अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव से मुद्दों पर जवाब मांगा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। इसे लेकर सभासदों ने हंगामा किया। सभासदों ने पालिका की ओर से जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण की मांग की तो अधिशासी अधिकारी ने स्वकर प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव पास होने पर कंबल वितरण करने की बात कही। सभासदों ने स्वकर प्रणाली व्यवस्था लागू करने के फैसले का विरोध किया।
साथ ही नगर में दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने, बिनौली रोड़ स्थित पालिका की मार्केट की दुकानों का कार्य पूरा कर हैंडओवर करने की मांग की। सभासद शानू जैन ने कहा कि नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा बोर्ड के विरोध के बावजूद आवंटित दुकान को निरस्त किया जाए। सभासदों ने विधायक से आउटसोर्सिंग ठेका में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। नगर के सीमा विवाद को लेकर भी सभासदों ने जमकर हंगामा किया और पैमाइश की मांग की। नगर के खुले नालों छपवाने, डेयरियों में हो रही समस्या के समाधान की मांग उठाई। सभासदों ने मोहल्ला छावनी में भूमिगत लाइन बिछाने का विरोध किया। इस दौरान सभासद इमरान ठाकुर, राहुल पाल, सोनू त्यागी, वीरसिंह भाटी, सलीम कुरैशी, तनिका जैन, दानिश्ता, नेहा टाली, बबीता, संजय सोनी, शकील मिर्जा आदि मौजूद रहे।
नगर पालिका चल रही भगवान भरोसे : अतुल प्रधान
पालिका की बैठक में क्षेत्रीय विधायक अतुल प्रधान भी शामिल हुए। विधायक के सामने ही सभासदों ने पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाए। सभासदों ने विधायक से बताया कि नगर पालिका अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते हैं। पालिका अधिकारी उनके लेटरपैड की कोई वेल्यू नहीं मानते। किसी भी प्रस्ताव का विरोध करने पर भी गलत तरीके से पास कर दिए जाते हैं। बैठक में सभासदों की समस्या सुनने के बाद अतुल प्रधान ने कहा कि नगर पालिका भगवान भरोसे चल रही है। इससे पालिका की साख खराब हो रही है। उन्होंने पालिका अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए। पालिका बोर्ड को जनता ने चुनकर भेजा है। वह जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पालिका अधिकारियों को सभासदों को सम्मान के साथ संतोषपूर्वक जवाब देना होगा।