- अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द। थाना जानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सुभारती पुलिस चौकी पर रविवार को पीड़ित मां ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और जबरन पैसे वसूलने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनके जवान बेटे की जान चली गई। पुलिस को दी शिकायत में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
जनपद बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र के गांव बड़ावत निवासी सोनिया पत्नी संदीप कुमार ने जानी थाना प्रभारी शिकायत दी। शिकायत के अनुसार, उनके बेटे तुषार शर्मा (18) ने बीती 12 जून को घरेलू कलह के चलते आत्महत्या का प्रयास किया था। परिजन उसे तुरंत बड़ौत के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेरठ बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि 12 जून की शाम वह बेटे को लेकर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे तो वहां डॉक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मरीज की हालत ज्यादा गंभीर नहीं है। उसे आईसीयू में रखकर इलाज करना होगा और वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा। डॉक्टर के आश्वासन पर परिजनों ने मरीज को भर्ती कराया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज और दवाओं के नाम पर परिजनों से रोजाना लगभग 60 हजार रुपये जमा कराए। परिजनों को उनके बेटे से मिलने भी नहीं दिया गया और लगातार यही कहा गया कि उसकी तबीयत में सुधार हो रहा है।
शिकायत के मुताबिक, 20 जून को परिजनों के बार-बार मिन्नत करने के बावजूद डॉक्टर पूरे दिन मरीज को देखने नहीं आए। शाम को डॉक्टर आए तो मरीज की हालत बेहद नाजुक लग रही थी। परिजनों ने स्थिति को देखते हुए उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने के लिए कहा। डॉक्टर ने आश्वस्त किया कि उनका बेटा बिल्कुल ठीक है। परिजनों का आरोप है कि शनिवार रात जब तुषार की तबीयत और ज्यादा बिगड़ी तो डॉक्टर को फिर कॉल की लेकिन वह नहीं आए। रविवार (21 जून) की सुबह अस्पताल स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा तो स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर ने आने से साफ मना कर दिया है और कहा है कि आज रविवार का दिन है, मैं नहीं आऊंगा। रविवार सुबह से ही तड़प रहे तुषार शर्मा ने आखिरकार दम तोड़ दिया।
बेटे की मौत से आक्रोशित और बदहवास परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मृतका की मां सोनिया ने डॉक्टरों पर इलाज में जान बूझकर लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि जांच के लिए घटना की सूचना सीएमओ मेरठ को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।