माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं विश्व गीता संस्थान के संस्थापक आचार्य राधाकृष्ण मनोड़ी ने कहा कि देश में सांस्कृतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है। समाज का ताना-बाना नष्ट और भ्रष्ट हो रहा है। ऐसी भयावह स्थिति में एकता और विश्वास पैदा करने का एकमात्र उपाय सामाजिक सद्भावना है। आचार्य ने कहा कि सामाजिक सद्भावना के मूल मंत्र से ही राष्ट्र को सही दिशा में ले जाया जा सकता है।
विश्व गीता संस्थान मयराष्ट्र की ओर से विश्व संवाद केंद्र सूरजकुंड में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने ये बातें कहीं। आचार्य मनोड़ी ने कहा कि प्रयागराज में दोनों पक्ष से गलतियां हुईं। उन्हें सुधारना चाहिए। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य दार्शनिक संत परंपरा का स्तंभ हैं पर वह विवादों में घिरे। प्रशासन पर उन्होंने गलतियां करने और अधिकार के दुरुपयोग की संभावना बनी रहने की बात कही। यूजीसी के नियमों को लेकर हुए हंगामे पर कहा कि जनता को आश्वस्त किया जाना चाहिए कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर गंभीरता से विचार करके ही नए नियम तय होंगे।
विश्व गीता संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव कवयित्री तृषा शर्मा ने बताया कि 31 जनवरी को भोलेश्वर मंदिर से कलश यात्रा और एक फरवरी को मेरठ में श्रीमद्भगवत गीता पारायण महायज्ञ का आयोजन होगा। इसमें 700 श्लोकों का सामूहिक पारायण, महायज्ञ, विभूति सम्मान और भंडारे का आयोजन भी शामिल है। समारोह में स्वामी शिव प्रेमानंद महाराज, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, महापौर हरिकांत अहलूवालिया सहित अन्य अतिथि मौजूद रहेंगे।