मुजफ्फरनगर में विपक्ष के प्रत्याशी सत्येंद्र बालियान ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में आकर पार्टी बनकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद वोटरों को सहायक उपलब्ध प्रशासन ने कराए हैं। यह सब मंत्री और विधायक के कहने पर किया गया है। सतेंद्र बालियान ने कहा कि इसकी शिकायत भी चुनाव आयोग से करेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री संजीव बालियान अपने भाई को हराना चाहते हैं। इसके लिए वे सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं।
विपक्ष ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में आकर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाते हुए प्रकाश चौक पर हंगामा किया। इस दौरान विपक्ष के कार्यकर्ता और नेता कलेक्ट्रेट की ओर जाने लगे तो पुलिस ने प्रकाश चौक पर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। इसी दौरान भारी संख्या में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की। वहीं भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रकाश चौक पर बैरिकेडिंग को हटाकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस बीच दोनों और से जमकर जोर आजमाइश होती रही। आखिर में पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को पीछे धकेल दिया।
मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के मतदान को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। मतदान कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कोर्ट में हुआ। सुबह 11 बजे से लेकर तीन बजे तक वोट डाले गए। इसके बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया गया।
उधर, शामली में सपा-रालोद की संयुक्त उम्मीदवार अंजलि सुबह 11 बजते ही सपा नेता शेर सिंह राणा, रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन के साथ अपने समर्थित सदस्यों को लेकर कलेक्ट्रेट मतदान के लिए पहुंच गई थी। अंजलि समेत सपा रालोद के पक्ष में नौ सदस्य पहुंचे थे। वहीं 11.10 बजे तक मतदान शुरू नहीं हो सका, जिसे लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताई थी। वहीं भाजपा सदस्यों के सहायक उपलब्ध कराने के विरोध में रालोद नेताओं ने कलेक्ट्रेट पर हंगामा किया। उनका आरोप है कि पढ़े-लिखे सदस्यों को भी हेल्पर उपलब्ध कराए गए।
बिजनौर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मतदान से पहले खींचतान काफी रही। जहां कलक्ट्रेट में मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा का प्रबंधन किया गया था। वहीं दोनों दल मतदान से पहले वोटर्स को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में गठबंधन की ओर से आरोप लगाए जा रहे थे कि उनके कुछ वोटर्स को बॉर्डर पर रोका जा रहा है।
आज यानी शनिवार सुबह करीब 11 बजे से मतदान हुआ और साढ़े तीन बजे तक परिणाम आ गया। बिजनौर में जिला पंचायत सदस्यों की कुल संख्या 56 हैं। भाजपा प्रत्याशी साकेंद्र प्रताप सिंह और सपा गठबंधन प्रत्याशी चरनजीत सिंह कौर के बीच कड़ा मुकाबला था। मतदान से पहले दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे थे। लेकिन आखिर में भाजपा प्रत्याशी साकेंद्र सिंह प्रताप की जीत हुई है।
उधर, गठबंधन प्रत्याशी चरनजीत सिंह कौर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके पति व कुछ वोटर्स को बिजनौर बॉर्डर पर रोक लिया है। उन्होंने अधिकारियों से उन्हें छोड़ने की अपील की थी। वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे दबाव बनाने की रणनीति बता रही थी। वहीं जिला पंचायत सदस्य सोनम के अपहरण के मामले में शहर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बताया गया कि वीडियो वायरल होने के बाद रिपोर्ट में और नाम बढ़ाए जा रहे हैं।
वहीं बागपत में भाजपा को हार का सामना ही करना पड़ा। यहां रालोद की प्रत्याशी ममता देवी ने भाजपा की प्रत्याशी बबली देवी को हराया है। ममता को 12 वोट मिले, जबकि भाजपा की प्रत्याशी बबली देवी को सिर्फ सात वोट मिले।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पश्चिमी यूपी की 14 सीटों में से 13 पर भाजपा ने जीत का परचम लहरा दिया है। मेरठ से रामपुर तक बागपत को छोड़कर सभी सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी विजयी घोषित हो गए हैं। छह सीटों पर शनिवार को भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। इससे पहले सात प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके थे।