ढिकौली गांव में सोमवार की सुबह पहलवान अजय (22) पुत्र वीरपाल की छह लोगों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर डाली। वीरपाल का 22 वर्षीय बेटा अजय बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह बड़ौत स्थित रेसलिंग स्टेडियम में कुश्ती का अभ्यास करता था। ग्राम प्रधान राजेश लेडिया के पति जय कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह अजय उसके पास जाति प्रमाण पत्र की संस्तुति कराने आया। इसके बाद वह घर चला गया। साढ़े आठ बजे के लगभग छह अज्ञात बदमाश उसके घर पहुंचे। गाली-गलौज कर उसकी पिटाई की। किसी तरह वह बदमाशों के चंगुल से भागकर घर के बाहर पहुंचा तो बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा कर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश हथियार लहराते मौके से भाग गए। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
मौके से बरामद हुए 315 बोर के चार खोखे
सूचना मिलते ही एसपी जयप्रकाश, एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ खेकड़ा वंदना शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतक के परिजनों को चेन्नई में फोन कर घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान के पति जय कुमार ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि युवक की हत्या गोली मारकर की गई। उसके शरीर में छह गोलियां लगी है। पुलिस को मौके से 315 बोर के चार खोखे मिले हैं। पुलिस का कहना है कि पहलवान अजय की हत्या जमीन की रंजिश में तेहरे भाइयों ने की। थानाध्यक्ष राजेश कुमार भारतीय ने बताया कि मृतक के भाई ने ताऊ के परिवार वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बुधवार को मृतक के परिजन थाने पहुंचे। भाई विजय ने अपने तेहरे भाई मुनेंद्र, रविंद्र, उनकी मां बिजेंद्री, बहन प्रीति, दामाद विक्रांत व सोनू को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई। मृतक के भाई ने बताया कि उनका अपने ताऊ चंद्रपाल से जमीन का विवाद चल रहा है। ताऊ ने तीन माह पहले फांसी लगाकर आत्महत्या की। उसके परिवार वाले फर्जी तरीके से अजय को फंसाना चाहते हैं। जमीन की रंजिश में ही तेहरे भाइयों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर उसके भाई की हत्या की है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया हुआ है।
पहलवान अजय के घर घटना की छानबीन करती पुलिस
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मृतक पहलवान अजय के साथियों ने बताया कि वह बड़ौत स्थित रेसलिंग स्टेडियम में रह कर पलवानी के दांव पेंच सीख रहा था। दो माह पूर्व उसने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ में हुई कुश्ती प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता था।
मरने से पहले किया संघर्ष
पहलवान अजय ने मरने से पहले हमलावरों से संघर्ष भी किया। लोगों के अनुसार छह बदमाश हथियारों से लैस होकर अंदर घर में घुसे। पहले उन्होंने अजय की पिटाई की। जवाब में भी अजय ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद वह जान बचाने के लिए घर से बाहर भागा। घर के बाहर आते ही बदमाशों ने पहले उसके सिर में गोली मारी। इससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने पांच गोलियां और मारी।
कुछ दिनों से घर आते थे कई युवक
सूत्रों के मुताबिक मृतक पहलवान अजय कई दिन से गांव में ही घर आया हुआ था। उसके पास कुछ दिन से कई युवाओं का आना जाना रहता था। घर पर युवक खूब हुड़दंगबाजी करते थे। कहीं स्तों के बीच कहासुनी मेें उसकी हत्या नहीं की गई है।
चेन्नई रहता है परिवार
मृतक पहलवान का बड़ा भाई विजय वायु सेना में है और चेन्नई में तैनात है। उसकी मां भी बड़े बेटे के पास चेन्नई में रहती है। घर में कोई नहीं रहता है।