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मेरठ के महिला अस्पताल में लापरवाही पर भड़कीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, डॉक्टर से हुई कहासुनी

Tue, 04 Jun 2019 01:56 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अस्पताल में राज्य महिला आयोग की उाध्यक्ष से कहासुनी करती डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने सोमवार को करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बने महिला जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो वहां खलबली मच गई। जगह-जगह लापरवाही मिलने पर वह भड़क गईं। तीन वॉशरूम को स्टोर रूम बनाया हुआ था, उनमें ताले लगे थे। वार्डों में एग्जोस्ट नहीं थे। स्टाफ बिना आईकार्ड के मिले। एक लिफ्ट भी बंद थी। प्रमुख अधीक्षक के ऑफिस के बाहर तक पट्टिका नहीं लगी थी।
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राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष को सुबह 10 से 11 के बीच निरीक्षण करना था। लेकिन वह साढ़े तीन बजे अचानक पहुंची तो हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कहीं गंदगी थी तो किसी फ्लोर पर तीमारदारों के लिए पेयजल का अभाव था। वॉशरूम को स्टोर रूम बनाने का जवाब महिला अस्पताल की एसआईसी डॉ. मनीषा वर्मा या अन्य कोई स्टाफ नहीं दे सका। उन्होंने कहा कि जब से बिल्डिंग बनी है, तब से यह वॉशरूम खुले ही नहीं हैं। 

उन्होंने कहा कि वह एक घंटे में फिर आएंगी, अगर सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। यह कैसा अस्पताल है, यहां मरीज और तीमारदार सब परेशान हैं। कमरों के बाहर लिखें कि वह किसके लिए हैं और किस समय तक उनसे मिला जा सकता है। वह करीब एक घंटे तक महिला जिला अस्पताल में रहीं और एक-एक वार्ड को जाकर देखा। इस दौरान उनके साथ सीएमओ डॉ. राजकुमार और आशा ज्योति केंद्र की टीम रही।

उपाध्यक्ष और महिला डॉक्टर में कहासुनी
महिला जिला अस्पताल में एक तीमारदार ने उपाध्यक्ष से कहा कि उनकी बहू के दो ऑपरेशन अलग-अलग जगह से किए गए हैं, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इस पर उपाध्यक्ष ने महिला चिकित्सक डॉ. किरण को सर्किट हाउस बुला लिया। सर्किट हाउस में उनके बीच खूब कहासुनी हुई। 

डॉ. किरण का कहना था कि वह चिकित्सक हैं, उन्हें जो मरीज के लिए बेहतर लगेगा, वह करेंगी। अब मरीज और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। उपाध्यक्ष सुषमा सिंह का कहना था कि मरीज के परिजनों को यह बताना चाहिए था।
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अस्पताल में घूमता कुत्ता व शौचालय को बनाया गया था स्टोर - फोटो : अमर उजाला
नाराज होकर उपाध्यक्ष ने महिला चिकित्सक को बर्खास्त करने के लिए शासन को लिख दिया। हालांकि बीचबचाव में आई डॉ. मनीषा ने कहा कि वह डॉ. किरण से माफीनामा लिखवा देंगी। तीमारदारों ने स्टाफ पर पैसे लेने का आरोप लगाया। उपाध्यक्ष ने पैसे वापस कराने को कहा। 

देर से पहुंची एसआईसी, झेलनी पड़ी नाराजगी
जिस समय महिला आयोग की उपाध्यक्ष महिला जिला अस्पताल पहुंची, उस समय प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी) डॉ. मनीषा वर्मा वहां नहीं थीं। इस पर उपाध्यक्ष नाराज हुईं और कहा कि कोई भी उन्हें फोन करके नहीं बुलाएगा। हालांकि कुछ देर बाद डॉ. मनीषा वर्मा वहां आ गईं। उनसे उपाध्यक्ष बोलीं कि आपके तो ऑफिस तक पर यह नहीं लिखा कि वह वार्ड है या ऑफिस।
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