मालगाड़ी की बजाय यात्री गाड़ी होती तो जनहानि भी हो सकती थी। लोगों के अनुसार ओएचटी वायर के खंभे को तोड़ता हुआ वैगन आगे गया तो ओचटी वायर तेज चिंगारी के साथ वैगन पर गिरे। लोगों का कहना है कि चंद सेकेंड के लिए वैगन से भी चिंगारी उठी और शांत हो गई। ऐसे में किसी यात्री गाड़ी से हादसा हुआ होता तो बहुत बड़ी जनहानि होती।
रेलवे यातायात हुआ अवरुद्ध
रेलवे स्टेशन के नजदीक मुरादाबाद लाइन पर मालगाड़ी के डिरेलमेंट हो जाने से रेलवे यातायात बाधित हो गया। मुरादाबाद की ओर आने और जाने वाली ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया। मुरादाबाद से सहारनपुर आने वाली 12053 जन शताब्दी एक्सप्रेस का रूट बदल दिया गया और उसे टपरी से निकाला गया, जबकि सहारनपुर स्टेशन पर कई ट्रेनें रुकी होने के चलते 19020 देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस को भी सहारनपुर नहीं आने दिया गया। टपरी से ही आगे के लिए रवाना कर दिया गया।
दस दिन दिन में दूसरा हादसा
सहारनपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक 10 दिन में डिरेलमेंट का यह दूसरा हादसा हुआ है। 25 फरवरी को कैश लेकर देवास से चंडीगढ़ जा रहे दो वैगन शंटिंग के दौरान पटरी से उतर गए थे। घटना के दस दिन भी नहीं हुए, मालगाड़ी के वैगन पटरी से उतर गए।
जांच के लिए पहुंचे डीआरएम
सहारनपुर में मालगाड़ी के डिरेलमेंट होने की सूचना मिलते ही अंबाला जोन के मंडल रेल प्रबंधक दिनेश चंद शर्मा अधिकारियों की टीम के साथ सहारनपुर में घटनास्थल पर विशेष गाड़ी से पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि डाउन लाइन को लगभग सवा सात बजे शुरू करा दिया गया है। तकनीकी टीम व्यवस्था में जुटी हुई है। घटना की जांच के लिए अधिकारियों की टीम बना दी गई है।
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