पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम अरुण यादव, मोहित निवासी बम्हैटा, थाना वेवसिटी गाजियाबाद, दुर्गा प्रशाद गिरी हाल पता मोहल्ला चरनी विहार कॉलोनी छपरौला, थाना बादलपुर गौतमबुद्धनगर मूल निवासी गांव रंगपुर थाना सलेमपुर बुलंदशहर, कासिफ पुत्र सिराज गांव कुलंजन थाना सरधना बताया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने नंगला रोड पर गोकशी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि गोमांस पिकअप गाड़ी में प्लास्टिक की कैरेट के नीचे दबाकर दिल्ली के जाफराबाद स्थित होटलों पर सप्लाई करते थे। पुलिस ने चारों गोकशी के आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया।
निराश्रित गोवंशों को पकड़कर करते थे गोकशी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने गोकशी से लेकर मांस तस्करी तक की वारदात की जानकारी दी। जिसमें बताया कि वह जंगलाें में घूम रहे निराश्रित गोवंशों को पकड़कर गोकशी की घटना को अंजाम देते थे। गोकशी के बाद मांस दिल्ली के जफराबाद के अलावा काफी होटलों में सप्लाई करते थे। इस मामले में गोतस्करों को बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
पुलिस से बचाव के लिए भगवा रंग का सहारा
सरधना के जंगलों में गोकशी करते हुए गोमांश दिल्ली सप्लाई करने के मामले में आरोपियों ने बताया कि वह अधिकतर जगह पुलिस से बचने के लिए भगवा रंग गमछा व गाड़ी पर भगवा व धार्मिक स्टीकर लगाकर चलते थे। वहीं, पुलिस द्वारा बरामद की गई पिकअप गाड़ी पर फ्रंट शीशे पर बड़े अक्षरों में भगवा रंग में महाकाल लिखा हुआ है। जिसके चलते कई स्थानों पर पुलिस गाड़ी पर धार्मिक स्लोगन लिखने व प्लास्टिक कैरेट रखे होने पर अनदेखा कर देते थे। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।