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यूपी: खाते 29 हजार कर्मचारी सिर्फ एक, तस्वीरों में देखें कैसे चल रहा है देश का यह नामी बैंक?

Sun, 15 Jul 2018 04:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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इसे स्टाफ की कमी कहिए या फिर बैंकों की लापरवाही कि देश के नामी बैंक की शाखा में ग्राहकों की संख्या तो 20 हजार से भी ज्यादा है। लेकिन इन्हें संभालने के लिए बैंक में कर्मचारियों की गिनती है मात्र एक। जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के शामली में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की ग्रामीण अंचल की एक शाखा की। कहने को यह 18 गांव के लोगों का बैंक है लेकिन जब गांव वाले बैंक में लेन-देन के लिए पहुंचते हैं तो यहां उन्हें बैंककर्मी हमेशा ही नदारद मिलते हैं।

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आइए जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला :-
 

बैंक शाखा पर निर्भर हैं कुल 18 गांव 

बैंक - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के शामली में थानाभवन क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर 18 गांवों के 29 हजार ग्राहकों का भार है। मगर इन ग्राहकों के बैंक खाते संभालने के लिए सिर्फ एक ही बैंक कर्मी तैनात है। औपचारिक तौर पर फील्ड अफसर ही ब्रांच मैनेजर का काम संभाल रहा है। इस संबंध में ग्रामीण संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत भी कर चुके हैं। लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बैंक की शाखा पर निर्भर हैं 18 गांव

बैंक - फोटो : अमर उजाला
करीब 24 हजार की आबादी वाले क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर लुहारी सहित आसपास के 18 गांव निर्भर हैं। 29 हजार बैंक खाते इस बैंक में खुले हैं। साथ ही खातों से पैसे के लेन-देन से लेकर लोन लेने और किसानों का गन्ना भुगतान भी इसी बैंक में होता है। अब स्टाफ की बात करें तो बैंक में दो महीने से कोई ब्रांच मैनेजर नहीं है,छह माह से अकाउंटेंट व ढाई साल से मेसेंजर के पद खाली पड़े हैं। इसके अतिरिक्त दो सहायकों के पद भी अर्से से रिक्त चल रहे हैं।

नई तकनीक से भी अपडेट नहीं बैंक के कंप्यूटर

हालांकि कुछ दिन पहले तक सहायक क्लर्क के रूप में नमन कुमार बैंक में तैनात थे, लेकिन अब उनका भी तबादला हो चुका है। फिलहाल ग्राहक सहायक के रूप में राकेश कुमार के कंधों पर पूरी जिम्मेदारी थोप दी गई है। जबकि फील्ड अफसर विनय कुमार उनके साथ सहायक के रूप में काम कर ग्रामीणों का थोड़ा बहुत काम कर देते  हैं। अब जहां बैंकों में नए सॉफ्टवेयर लागू कर दिए गए हैं। वहीं ऐसे में ब्रांच मैनेजर न होने से नई तकनीक भी इन कंप्यूटरों में अपडेट नहीं हो पाई है। इससे दिक्कतें और बढ़ रही हैं। 
 
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नियुक्ति प्रक्रिया में हो रहा विलंब

बैंक - फोटो : अमर उजाला
ग्राम प्रधान सतीश सैनी का कहना है कि बैंक में उपभोक्ताओं की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन स्टाफ नाममात्र का है; इससे किसानों व अन्य ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में एलडीएम शैलेष कुमार का कहना है कि भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया चलती रहती है। जहां स्टाफ की कमी होती है, वहां तैनाती कर दी जाती है। इसमें थोड़ा विलंब जरूर हो सकता है।
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