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UP: शराब ठेका सेल्समैन पर फायरिंग मामले में शामली का विक्रांत दोषी, मेरठ के दो आरोपी बरी

सार

हरियाणा के हिसार में आठ साल पुराने शराब ठेका सेल्समैन पर फायरिंग और मंथली वसूली के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने शामली निवासी विक्रांत को दोषी करार दिया, जबकि मेरठ निवासी ईरशाद और अनीश को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। दोषी विक्रांत की सजा पर 10 अगस्त को फैसला सुनाया जाएगा।

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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
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विस्तार
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करीब आठ वर्ष पुराने शराब ठेका सेल्समैन पर फायरिंग और मंथली वसूली की धमकी देने के मामले में हिसार की अदालत ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैस्मीन शर्मा की अदालत ने उत्तर प्रदेश के शामली निवासी विक्रांत को दोषी करार दिया है। वहीं मेरठ निवासी ईरशाद और अनीश को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
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10 अगस्त को सुनाई जाएगी सजा
अदालत ने दोषी विक्रांत की सजा पर सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख तय की है। सजा की अवधि का फैसला उसी दिन सुनाया जाएगा।

2018 में दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन के अनुसार आदमपुर थाना पुलिस ने 22 अक्टूबर 2018 को मामला दर्ज किया था। हिन्दवान गांव निवासी नरेश कुमार ने शिकायत में बताया था कि वह सीसवाल स्थित शराब के ठेके पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत था।
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बीयर मांगने के बाद की फायरिंग
शिकायत के अनुसार घटना वाले दिन तड़के करीब साढ़े चार बजे मोटरसाइकिल सवार दो युवक ठेके पर पहुंचे और बीयर मांगी। पैसे मांगने पर एक युवक ने पिस्तौल से तीन गोलियां चला दीं। दो गोलियां शिकायतकर्ता के कान के पास से निकल गईं, जबकि तीसरी गोली उसके हाथ की अंगुली में लगी, जिससे वह घायल हो गया।

मंथली नहीं देने पर दी थी धमकी
फायरिंग की आवाज सुनकर ठेके का इंचार्ज मुकेश बाहर आया। आरोप है कि हमलावरों ने शराब और मंथली नहीं देने पर ठेका नहीं चलने देने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि एक आरोपी पहले भी ठेकेदार से मंथली की मांग कर चुका था।

एक दोषी, दो आरोपियों को राहत
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शामली निवासी विक्रांत को दोषी ठहराया। वहीं मेरठ निवासी ईरशाद और अनीश को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया।
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