चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश पर अनुसार एक नवंबर की शाम पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार पर पूर्ण पाबंदी थी। लेकिन, मेरठ निवासी व वर्तमान सरधना विधायक अतुल प्रधान अपने 10-12 समर्थकों के साथ समय बीतने के बाद भी गांवों में घूमकर समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे।
अतुल प्रधान उस समय समाजवादी छात्रसभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें नन्हेड़ा से जमपुरी बमनिया के पास प्रचार करते पकड़ लिया था।
पुलिस और अतुल प्रधान के बीच नोकझोंक भी हुई थी। दो नवंबर 2020 को मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौतम ने आचार संहिता के उल्लंघन में अतुल प्रधान और उनके 10-12 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले की सुनवाई एसीजीएम द्वितीय अवधेश कुमार तृतीय की अदालत में चल रही थी। बुधवार को सरधना विधायक अतुल प्रधान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में करीब 12:30 बजे उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।