मजदूरों पर अमानवीय अत्याचार के आरोप
मामले में आरोप लगाए गए हैं कि मजदूरों को उनके काम का उचित मेहनताना नहीं दिया जाता था। इसके बजाय उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता था। आरोपों के अनुसार मजदूरों को सूखी रोटी और मवेशियों का चारा खाने के लिए दिया जाता था। इतना ही नहीं, उन्हें धारदार हथियारों और कोड़े से पीटे जाने तथा कुत्तों से कटवाने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग
प्रियंका गांधी ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाए जो भविष्य में इस प्रकार के अपराध करने वालों के लिए नजीर बने। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की गरिमा और उनके अधिकारों की रक्षा करना समाज और शासन की जिम्मेदारी है।
जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। अब सभी की निगाहें जांच के निष्कर्ष और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।