स्कूल में हंगामा करते गांव के लोग
- फोटो : अमर उजाला
गांव सिकंदरपुर निवासी फूल सिंह का दस वर्षीय पुत्र देव गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ता है। उसकी बहन भी उसके कक्षा पांच में पढ़ती है। शनिवार को दोनों स्कूल गए थे। जहां देव को क्लास में ही नींद आ गई। इसी दौरान छुट्टी की घंटी बज गई और सभी बच्चे क्लास से बाहर निकल गए। लेकिन देव बाहर नहीं जा पाया। इसके बाद स्कूल के शिक्षक का भी बच्चे पर कोई ध्यान नहीं गया और वह छात्र को सोते हुए कमरे में बंद करके चले गए। करीब दो घंटे बाद ताला खोलकर बेहोशी की हालत में बच्चे को बाहर निकाला गया।
उधर ग्रामीणों ने शिक्षकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए स्कूल में जाकर जमकर हंगामा किया। शिक्षकों ने बच्चे के घरवालों से बात की,उसके बाद बच्चे के घरवालों ने किसी भी कार्रवाई से इनकार कर दिया। वहीं एडिशनल बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
दो घंटे बाद क्लास में बेहोश मिला बच्चा
जानकारी के अनुसार स्कूल में तीन शिक्षक तैनात हैं। शिक्षक इकरामुद्दीन और विनय कुमार स्कूल में पढ़ाने आए थे। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब देव घर नहीं लौटा,तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्चें को तलाशते हुए वह दीवार फांदकर स्कूल में पहुंचे। खिड़की से देखने पर बच्चे के अंदर बंद होने का पता चला। उसके बाद शिक्षकों को बच्चा अंदर बंद होने की सूचना देकर बुलाया गया।
शिक्षक इकरामुद्दीन ने जब कमरे का ताला खोला। बताया जाता है कि कमरे में बच्चा बेहोशी की हालत में मिला। वह कमरे में रोते-रोते बेहोश हो गया। परिवार वालों ने बच्चे को घर ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया। बच्चे की हालत सही बताई जा रही है। शिक्षकों ने बच्चे के घरवालों से वार्ता की। इसके बाद उन्होंने किसी भी कार्रवाई से इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने स्कूल में पहुंचकर शिक्षकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। शिक्षक इकरामुद्दीन ने बताया कि बारिश होने के दौरान सभी बच्चों को एक कमरे में बुला लिया गया था। देव अपने कमरे में सोते हुए रह गया। एबीएसए सुभाष चंद्र का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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