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यूपी: पुलिस ढाई हजार डिजिटल वॉलेंटियर के साथ अपराध पर करेगी नियंत्रण

Mon, 01 Oct 2018 12:13 PM IST
राहुल राणा, अमर उजाला, बागपत
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एसपी शैलेष कुमार पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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यूपी पुलिस अब अपराध पर लगाम लगाने के लिए वॉलंटियर्स का सहारा लेगी। बागपत जिले में अपराधों में बढ़ोत्तरी को देखते हुए जिले में ढाई हजार डिजिटल वालंटियर बनाए जाएंगे। ये वॉलेंटियर सोशल मीडिया में फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाने के साथ ही पुलिस को इलाके में चल रही आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों की जानकारी देंगे। जनपद में ढाई हजार वॉलेंटियर को डिजिटल किया जाएगा। इन्हें व्हाट्स एप ग्रुप से भी जोड़ा जाएगा। आगे जानें कैसे काम करेंगे ये वालंटियर्स :-

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जनता से जुड़ने और उनकी समस्याओं को करीब से जानने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने डिजिटल वॉलेंटियर बनाने की योजना शुरू की। इसके तहत जिले में पुलिस के डिजिटल वॉलेटिंयर बनाए जाएंगे। दरअसल जिले में कई ऐसे मामले भी सामने आए है, इसमें किसी बड़ी घटना की शुरूआत सोशल मीडिया के एक मैसेज से हुई। अपने-अपने अनुभवों के आधार पर लोगों ने पुलिस से दूरी भी बना ली। इस दूरी को कम करने और संभ्रांत लोगों को जोड़कर पुलिस ने डिजीटल वॉलेंटियर बनाने की शुरूआत की है। 

एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया जनपद का हर थाना 250 डिजिटल वॉलेंटियर बनाएगा। इससे तकरीबन ढाई हजार लोग पुलिस के डिजिटल वॉलेंटियर बन जाएंगे। डिजिटल वॉलेंटियर सोशल मीडिया में अफवाह फैलने से रोकेंगे और इलाके में होने वाली असामाजिक गतिविधियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी देंगे। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से ये डिजिटल वॉलेंटियर चुने जाएंगे। प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर डिजिटल वॉलेंटियर के लिए पुलिस थाने पर फॉर्म भरवाएगी। फॉर्म का सत्यापन एसपी स्तर का अधिकारी करेगा। उन्होंने बताया कि टीचर, प्रिंसिपल, रिटायर्ड फौजी, सेवा निवृत्त पुलिस कर्मी, पत्रकारों को डिजिटल वॉलेंटियर बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी। यूपी पुलिस की वेबसाइट से डिजिटल वॉलेंटियर के फॉर्म डाउन लोड किए जा सकते हैं।  

पुलिस से डरे नहीं, सहयोग करें नागरिक: एसपी 
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि देश के हर नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वह समाज व देश को आगे बढ़ाने में जिम्मेदारी निभाए। लोगों को पुलिस से डरने के बजाय उसका सहयोग करना चाहिए। पुलिस अकेले अपराधों को नहीं रोक सकती। जब तक अच्छे लोग पुलिस का सहयोग नहीं करेंगे, अपराधों होते रहेंगे। जनपद वासियों को अपने आसपास हो रही आपराधिक गतिविधियों की खबर पुलिस को देनी चाहिए। ताकि अपराध होने से पहले ही रोका जा सके। व्यक्ति को अपने आप से भी सतर्क रहना चाहिए। अपने घरों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए।  

डिजिटल कम्युनिटी पुलिसिंग प्रोग्राम भी शुरू हुआ 
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा डिजिटल कम्युनिटी पुलिसिंग प्रोग्राम शुरू किया। इस प्रोग्राम के तहत जिले के हर गांव से 10-10 लोगों को पुलिस के व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ा जाएगा। एसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि इस योजना से अपराधों पर अंकुश लगेगा और लोग पुलिस से जुड़ेंगे। लोगों को पुलिस को जानने का मौका मिलेगा।  
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दरोगाओं को सौंपी गई जिम्मेदारी 
जिले में हर तरह के अपराध होते हैं। हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार की घटनाएं ज्यादा होती है। इस साल जनवरी से लेकर अब तक जिले में 50 से अधिक हत्याएं हो चुकी है। जिले के सभी थानों पुलिस ने डिजिटल वॉलेंटियर बनाने का काम शुरू कर दिया। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, छपरौली, रमाला, दोघट, बिनौली, बालैनी, सिंघावली अहीर, चांदीनगर थाने में 250-250 वॉलेंटियर बनाए जाएंगे।

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