थाना कार्यालय के अंदर जमकर हंगामा शुरू हो गया था। दोनों महिला सिपाहियों ने एक-दूसरे के बाल नोंच कर जमकर गाली गलौज की थी। कार्यालय में तैनात महिला कर्मचारियों ने दोनों को छुड़ाने की भरसक कोशिश की थी, लेकिन वे किसी के काबू में नहीं आईं। अंत में महिला थाना इंस्पेक्टर नेहा चौहान ने कार्यवाही की चेतावनी देते हुए दोनों सिपाहियों को अलग किया था।
जानकारी के मुताबिक महिला थाने में तैनात दो महिला सिपाहियों के पति आपस में मित्र हैं। एक सिपाही के पति ने दूसरी सिपाही के पति को अपने रिश्तेदार युवती का फोटो भेजकर रिश्ता कराने की बात कही थी। एक-दो दिन पहले उसी युवती का फोटो व्हाट्सप्प ग्रुप पर वायरल हो गया। उस पर लिखा था कि युवती गुमशुदा है। किसी को सूचना मिले तो जानकारी दें। इसका पता चलते ही महिला पुलिसकर्मियों के बीच बखेड़ा खड़ा हो गया। एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया ने महिला पुलिसकर्मियों ने थाने के अंदर अनुशासनहीनता दिखाई है। इसलिए दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है।
रिश्ता टूटा तो युवती का फोटो वायरल कर दिया। युवती की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। सवाल उठता है कि आखिर कांस्टेबल ने ऐसा क्यों किया। पुलिस ही ऐसा करेगी तो कौन उन पर यकीन करेगा। आम जनता पुलिस पर कैसे विश्वास कर पाएगी।
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