एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि पिछले दस साल में गोवध अधिनियम के जितने भी मामले दर्ज हुए हैं, उनमें आरोपियों का सत्यापन शुरू करा दिया गया है। जेल से छूटने के बाद कहां रह रहे हैं और क्या काम कर कर रहे हैं। जो भी मुकदमे गोकशी के दर्ज हुए हैं, उनमें जो भी वांछित फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए दस दिन का समय दिया गया है।
गौ-तस्करों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर और रासुका के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। परिवार के लोग जो भी गौ-तस्करों से मदद ले रहे हैं, चाहे मीट को घर में छिपा रहे हैं या मीट को बेचते हैं या उनकी जानकारी में गोकशी हो रही है, तो परिवार के लोगों को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।
प्रत्येक गांव की सूचना के लिए बीट सिपाही को लेखपाल व चौकीदारों को जिम्मेदारी दी गई है कि यदि उनके संज्ञान में ऐसा कुछ मामला आता है तो वे तुरंत पुलिस को थाने में या उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं। गांव के चौकीदार ने यदि पुलिस को सूचना नहीं दी, तो कार्रवाई की जाएगी। गांव प्रधानों के साथ प्रत्येक 15 दिन में इंस्पेक्टर और सीओ बैठक करकर इनपुट लेंगे।
एसपी देहात राजेश कुमार की 34 मुठभेड़ अभी तक गोकशों से हुई हैं। गोकशी को लेकर जो भी बदनाम गांव हैं उनमें हमने एक नई मुहिम शुरू की है। थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वह गांव में जाकर ग्रामीणों को शपथ दिलाएं । उन्हें यह भी कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध कटान पाया गया तो इसके जिम्मेदार थानेदार होंगे और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
गोकशों पर गैंगस्टर लगाया जाए। हिदायत दी गई कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध कटान पाया जाता है तो संबंधित थानेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। देहात क्षेत्र में तो शपथ दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है। एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि गोकशी कतई नहीं होने दी जाएगी।
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