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UP: मेरठ-बागपत बाईपास के होटल में पुलिस का छापा, कमरों में मिले तीन युवक और चार युवती, देह व्यापार का शक

Fri, 13 Mar 2026 01:00 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: जानी थाना क्षेत्र में बाईपास पर कुछ होटलों में अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को मिल रही थी। एक बिना नाम के होटल पर युवक-युवतियों के होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छापा मार दिया। सभी को हिरासत में लेकर थाने पर बैठाया गया है। 
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छापा। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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मेरठ-बागपत बाईपास स्थित होटलों में चल रहे अनैतिक कार्यों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। बृहस्पतिवार शाम सूचना पर पुलिस ने एक होटल पर छापा मारा। जहां से चार युवतियों और तीन युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई से बाईपास क्षेत्र के अन्य होटल संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए।
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जानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाईपास पर स्थित कुछ होटलों में अनैतिक कार्य हो रहा है। बृहस्पतिवार शाम छह बजे किसी व्यक्ति ने पुलिस को डायल 112 पर कॉल कर एक होटल में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी। पुलिस ने सूचना पर होटल की घेराबंदी कर छापा मारा। होटल के कमरों की तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन युवक और चार युवती को पकड़ा। 
 

पकड़े गए युवकों और युवतियों के पास से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले आई। देर रात तक जानी थाने में हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह किसी संगठित देह व्यापार रैकेट का हिस्सा तो नहीं है। होटल प्रबंधन की इस पूरे मामले में क्या भूमिका है, पकड़े गए युवक-युवती कहां के निवासी हैं और यहां किस माध्यम से पहुंचे। होटल की मान्यता है या नहीं। सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि जिस होटल से आरोपियों को पकड़ा है, उस पर कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है।
 
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उधर, स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये होटल न केवल सामाजिक माहौल बिगाड़ रहे हैं, बल्कि इनके पास शासन-प्रशासन की कोई वैध मान्यता या एनओसी भी नहीं है। गौरतलब है कि एक साल पहले बाईपास स्थित कॉलोनियों के निवासियों ने इन होटलों में चल रहे अनैतिक कार्यो के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी थी। महिलाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर एक माह तक धरना प्रदर्शन किया। स्वयं के प्रयास से संदिग्ध होटलों को बंद करवाया। प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया था।

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