इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट के मामलों में आरोपियों को मजबूत पैरवी के जरिये सजा दिलाने में भी पुलिस अपनी भूमिका निभाए। इसके लिए पूरी गाइड लाइन बनाकर प्रत्येक रेंज स्तर पर पुलिस अधिकारियों को भेजी गई, जिसमें प्रत्येक रेंज पर 10 गंभीर मामले चिह्नित करके न्यायालय में चल रही मुकदमों की पैरवी में मजबूती लाने का आदेश भी दिया गया था।
सहारनपुर रेंज के तीनों जनपदों से इसकी सूची बन गई है, जिसमें सहारनपुर के चार, मुजफ्फरनगर और शामली के तीन-तीन मामले पॉक्सो एक्ट के चिह्नित कर लिए गए हैं।
1 जनवरी से 31 मई तक दर्ज हुए 84 मामले
जनपद -------- दर्ज रिपोर्ट ---- खारिज रिपोर्ट----- गिरफ्तार आरोपी
सहारनपुर -----------43 ---------------1--------------- 38
मुजफ्फरनगर ------ 26 ----------------0-------------- 35
शामली ------------- 15 ----------------0--------------- 15
योग ---------------- 84-----------------1--------------- 88
मुख्यमंत्री और डीजीपी के आदेश पर किए गए 10 गंभीर मामले चिह्नित
पुलिस महानिरीक्षक शरद सचान का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस की तरफ से न्यायालय में मजबूूत पैरवी की जाएगी। मुख्यमंत्री और डीजीपी के आदेश पर 10 गंभीर मामले चिह्नित कर लिए गए हैं। प्रत्येक मामले की लगातार मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई है।
पहले की स्थिति
अभी तक आपराधिक मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी करने और चार्जशीट दाखिल करने के बाद पुलिस का कार्य समाप्त हो जाता था, जबकि अदालत में पीड़ित पक्ष के बयान, गवाहों की गवाही और पुलिस की तरफ से पैरवी में कमी रह जाती थी। इसका फायदा आरोपियों को मिल जाता था।
अब यह होगी स्थिति
पॉक्सो एक्ट के तहत चलाए जा रहे अभियान में विवेचक द्वारा विवेचना के काटे जा रहे पर्चों के बारे में उच्चाधिकारी लगातार जानकारी लेंगे। इसके अलावा आरोपियों द्वारा जमानत प्रार्थनापत्र पर मजबूती से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
पैरोकार द्वारा इन मामलों के संबंध में न्यायालय में लग रही तारीख के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। पीड़िता, पीड़ित पक्ष के गवाह और मुकदमे से संबंधित अन्य के बयान दर्ज कराने में गंभीरता लाई जाएगी। यदि सुरक्षा को लेकर कोई समस्या है, तो सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।