सहारनपुर के नागल के लाखनौर गांव में महिला पंचायत सहायक कोमल (27) की उसके सगे भाई ने गला दबाकर हत्या कर दी। बहन की हत्या के बाद वह पहले अपने ताऊ के घर पहुंचा और फिर थाने में समर्पण कर दिया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सहारनपुर के लाखनौर में हुए कोमल हत्याकांड में कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही का भी नतीजा रहा है। यह प्रकरण ऐसा नहीं था कि अचानक सामने आया हो। पिछले माह कोमल ने थाने में तहरीर देकर अपने परिजनों से जान का खतरा बताया था। यहां तक लिखा था कि परिजन उसे करंट से मारने का कई बार प्रयास कर चुके हैं।
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वहीं, पूरे प्रकरण को लेकर करीब 15 दिन पहले पंचायत भी हुई थी। अगर पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो शायद कोमल की जान बच सकती थी। दरअसल, कोमल का गांव के एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। मूलरूप से प्रेमी मुजफ्फरनगर के कटेसरा गांव का रहने वाला है, जिसका परिवार कुछ साल पहले लाखनौर में आकर रहने लगा था।
दोनों के प्रेम संबंधों की भनक परिजनों को भी लग गई थी। परिजन इसका विरोध करते थे, लेकिन कोमल उसके साथ शादी की जिद पर अड़ी हुई थी। 20 सितंबर को कोमल ने नागल थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कोमल ने अपने परिजनों पर मारपीट करने और कमरे में बंद रखने का आरोप लगाया था।
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लिखा था कि परिजन उसे पढ़ाई नहीं करने दे रहे। उसे आगे पढ़ने से रोका जा रहा है। परिजन मारने की धमकी देते थे। आरोप लगाया था कि परिजनों ने कई बार बिजली का करंट लगाकर मारने की कोशिश की।
इसके बाद 30 सितंबर को प्रेमी युवक ने भी अपर जिलाधिकारी प्रशासन से शिकायत की। तब अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने नागल थाना प्रभारी को मामला का संज्ञान लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद ही कोमल की हत्या होती।
इस प्रकरण को लेकर गांव में पंचायत भी हुई थी। इसमें दोनों को अलग रहने के लिए कहा गया था। पंचायत के बाद युवक गांव में कम रहने लगा था। कोमल और युवक बीच-बीच मिलते रहते थे।
प्रेमी ने कोमल के साथ शादी करने का किया दावा
30 सितंबर को प्रेमी युवक ने कोमल के परिजनों की अपर जिलाधिकारी प्रशासन से शिकायत की थी। दावा किया था कि करीब छह महीने पहले कोमल के साथ सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी में शादी की। इसके बाद कोमल के परिजनों ने उसे 15 से 20 दिन तक बंधक बनाकर रखा। तरह-तरह यातनाएं दी गई। तब प्रेमी युवक ने कोमल को बचाने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन किसी भी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पंचायत सहायक बहन की हत्या कर थाने पहुंचा भाई
सहारनपुर के नागल के लाखनौर गांव में महिला पंचायत सहायक कोमल (27) की उसके सगे भाई ने गला दबाकर हत्या कर दी। बहन की हत्या के बाद वह पहले अपने ताऊ के घर पहुंचा और फिर थाने में समर्पण कर दिया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपनी बहन की हत्या कर दी है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो शव चारपाई पर पड़ा मिला। युवती का गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
ताऊ सुरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में भाई आशीष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। ताऊ ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब छह बजे आशीष उनके घर आकर बताया कि रात में उसका अपनी बहन कोमल के साथ झगड़ा हो गया था। फिर उसने गला दबाकर कोमल की हत्या कर दी। इससे पहले आशीष खुद थाने पहुंचा और पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस का कहना है कि कोमल का गांव में ही एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। परिजन इसका विरोध कर रहे थे। प्रेम-प्रसंग को लेकर पूर्व में पंचायत हो चुकी थी और यहां तक कि थाने में भी युवती की तरफ से जान का खतरा बताते हुए तहरीर दी गई थी। बाद में समझौता हो गया था।
कोमल लाखनौर गांव निवासी बिजेंद्र और राजवती की सबसे बड़ी बेटी थी। उनके दो बेटों में आशीष और कमल किशोर हैं। कोमल संविदा पर महिला पंचायत सहायक थी। बृहस्पतिवार रात पिता बिजेंद्र और मां राजवती खाना खाने के बाद घेर में पशुओं के पास चले गए थे। एक बेटा कमल किशोर काम के सिलसिले में बाहर गया था। इसी दौरान आशीष और कोमल के बीच रात में विवाद हो गया।
15 दिन से काम पर नहीं जा रही थी कोमल
पंचायत सहायक कोमल करीब 15 दिन से काम पर नहीं जा रही थी। उसने बीएड कर रखी थी। एमएड करना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने मना कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, उसका कुछ समय से गांव में रह रहे एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि प्रेम-प्रसंग के कारण आशीष ने अपनी बहन की हत्या की है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।-अभिनंदन सिंह , एसएसपी।