यूपी के बिजनौर जिले के छह हजार घर अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं। इन घरों में अभी तक अंधेरा पसरा है। ये अभी तक बिजली की रोशनी से गुलजार नहीं हुए हैं। डाक विभाग की ओर से गांव-गांव जाकर डोर-टू-डोर किए गए सर्वे में यह हकीकत सामने आई है। केंद्र सरकार की ओर से डाक विभाग को जिले भर के 2186 गांवों में सर्वे कर विद्युत कनेक्शन विहीन घरों का आंकड़ा जुटाने के आदेश दिए गए थे। इन घरों का विवरण ऑनलाइन फीड कराकर शासन को भेजा गया है।
केंद्र सरकार की ओर से हर घर तक बिजली देने के उद्देश्य से सौभाग्य योजना संचालित की गई है। यह कार्य दिसंबर तक पूरा करने का फरमान भी जारी किया गया है। लक्ष्य को शीघ्रता के साथ पूरा करने के लिए ऊर्जा मंत्रालय ने डाक विभाग के साथ बैठक कर इस कार्य में सहयोग करने के आदेश दिए थे।
अधिकारियों के अनुसार डाक विभाग सर्वे के दौरान घर से विद्युत पोल कितनी दूरी पर स्थित है। अविद्युतीकृत घर के मुखिया का नाम, मकान संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बीपीएल कार्ड संख्या सहित सरपंच का नाम और मोबाइल नंबर आदि का विवरण डाक विभाग द्वारा जुटाया गया। इससे अंधेरे में जीवन यापन कर रहे परिवारों को विद्युत कनेक्शन आसानी से दिया जा सकेगा।
डाक अधीक्षक मोहनलाल शर्मा ने बताया कि अविद्युतीकृत घरों का सर्वे कराने का निर्देश डाक विभाग को दिए गए थे। पोस्टमैन के साथ विभाग के अन्य कर्मचारियों ने गांव-गांव घूमकर डोर-टू-डोर संपर्क किया। शासन द्वारा निर्धारित कुल सात लाख 36 हजार 125 घरों में करीब पांच लाख 777 घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं हैं। इनकी फीडिंग कर केंद्र को भेज दी गई है।
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