मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मेरठ के कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद व मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने प्लान की जानकारी दी। कुल 93 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से छह पर काम शुरू हो चुका है।
मेरठ को स्मार्ट, स्वच्छ और सस्टेनेबल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान’ की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत कुल 93 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपये है। इनमें से 6 परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
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सीएम ने निर्देश दिया कि मेरठ की ऐतिहासिक, औद्योगिक और शैक्षणिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए सभी योजनाएं पारदर्शिता और गुणवत्ता के मानकों के मुताबिक समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने शहर में केवल डिजिटल होर्डिंग लगाने और सीसीटीवी के जरिये निगरानी तंत्र को सशक्त बनाने के निर्देश दिए।
कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें और सिटी बस सेवा में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करें। स्वच्छ शहर के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण करने और नदियों के पुनर्जीवन के लिए ठोस प्रयास किया जाए।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि विकास योजनाएं छह विषयों पर आधारित हैं, जिनमें सार्वजनिक स्थलों का सुंदरीकरण एवं वॉक-फ्रेंडली व्यवस्था, निर्बाध आवागमन, पर्यावरणीय एवं सामाजिक जनसुविधाएं, औद्योगिक और आवासीय संरचना का विकास, ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण तथा पुनर्विकास शामिल हैं।
सीएम ने पार्कों का रखरखाव करने और संजय वन तथा विक्टोरिया पार्क जैसे स्थलों को जीवंत बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि मेरठ मंडपम सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान देगा। कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद व मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह मौजूद रहे।
छह थीम पर आधारित हैं परियोजनाएं
मुख्यमंत्री को कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद व मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने प्लान की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह विकास योजना छह प्रमुख विषयों पर आधारित है। इनमें सार्वजनिक स्थलों का सुंदरीकरण एवं वॉक-फ्रेंडली व्यवस्था, निर्बाध आवागमन, पर्यावरणीय एवं सामाजिक जनसुविधाएं, औद्योगिक और आवासीय अधोसंरचना का विकास, ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण तथा पुनर्विकास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री मेरठ आकर योजना को देंगे मूर्तरूप: वीसी
मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान का प्रेजेंटेशन दिया गया। प्रस्तावों को समय अवधि के आधार पर बांटकर अल्प अवधि के कार्य विभागों के साथ समन्वय करके शुरू किए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों से भी वार्ता की जाएगी। पूरा प्लान फाइनल होने के बाद मुख्यमंत्री के मेरठ आकर इसे मूर्तरूप देने की संभावना है।