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UP News: मेरठ हादसा... मलबे में दबे लोग किस हाल में होंगे, सोचकर ही कांप रही रूह, बस दुआओं का सहारा

Sun, 15 Sep 2024 01:37 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के जाकिर कालोनी में मलबे में दबे 15 में से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच का अस्पताल में उपचार चल रहा था। 
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देर रात मलबे में दबे लोगों को तलाश करती एनडीआरफ की टीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीन मंजिला मकान एक झटके में जमींदोज हो गया और मलबे में 15 लोग दब गए। तेज आवाज और धमाके के कारण आसपास लोगों के मकान भी दहल गए। कुछ देर तक लोग समझ नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। मलबे में दबे सभी लोगों को रविवार दोपहर तक निकाल लिया गया। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच का अस्पताल में उपचार चल रहा था। 
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मलबा हटाती जीसीबी और तलाश करती एनडीआरएफ की टीम। - फोटो : अमर उजाला
जाकिर कॉलोनी निवासी नफ्फो के चारों बेटे साजिद, नदीम, शाकिर और नईम भूतल पर डेयरी चलाते हैं। एक बेटा आबिद अपनी पत्नी नसीम और बच्चों के साथ अलग मकान में रहता है। हादसे से कुछ देर पहले घर से किसी काम से बाहर निकले नईम ने बताया कि घर में उनकी मां नफीसा, भाई साजिद और भाभी सायमा अपने कमरे में आराम कर रहे थे। उनकी बेटी सानिया और रिजा घर में खेल रही थी।
नईम की पत्नी अलीशा (22) अपनी पांच माह की बेटी रिमशा के साथ कमरे में थी। दूसरा भाई नदीम (28) अपनी पत्नी फरहाना (24) के साथ किसी कार्य में व्यस्त था। उनके मामा पप्पू का बेटा सूफियान पांच माह की चचेरी बहन को लेकर घर आया था। भाई शाकिर और उसकी पत्नी साहिबा किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। तभी अचानक यह हादसा हो गया। पत्नी अलीशा और मासूम बेटी रिमशा समेत अन्य परिजनों की सलामती को लेकर चिंतित नईम फफक कर रो पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह संभाला।


 

पुराने शहर में जगह-जगह मौत बनकर खड़े हैं जर्जर मकान
पुराने शहर में सैकड़ों की संख्या में जर्जर मकान मौत बनकर खड़े हैं। इन मकानों में काफी परिवार मजबूरन रह रहे हैं। नगर निगम ने इनकी सुध कभी नहीं ली और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया। पुराने शहर का अधिकतर हिस्सा लोहियानगर, लिसाड़ी गेट, कोतवाली और ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इन क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में मकान जर्जर हालत में हैं। कई दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से इन मकानों के गिरने का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
 
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एक दिन पहले ही तीन मासूम बच्चों की गई थी जान
बारिश के कारण एक मकान की छत और एक छज्जा गिरने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। बहसूमा क्षेत्र के मोड़ खुर्द गांव में मजदूर मशरूफ के पुत्र बिलाल (4) और बेटी इनाया (1) की मौत हो गई थी। जबकि सात माह की गर्भवती पत्नी रुख्सार और पुत्र जुनैद (7) गंभीर घायल हो गए थे। उधर, लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के विकासपुरी में आरिफ का बेटा साद (8) तीसरी मंजिल पर बने मकान के छज्जे पर खेल रहा था। तभी अचानक छज्जा भरभरा कर नीचे गिर गया। हादसे में साद की मौत हो गई थी। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था।

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