आगरा में दो सगी बहनों के धर्म परिवर्तन प्रकरण के तार जिले से भी जुड़े हैं। पुलिस ने जामियानगर के अबू तालिब को गिरफ्तार किया है। परिवार मजदूरी करता है। लेकिन आरोपी मौके के हिसाब से काम बदलने में माहिर था।
कभी चालक बनकर गाड़ी चलाता था, कभी मजदूरी तो कभी कपड़े के काम पर चला जाता था। खालापार थाना क्षेत्र में आरोपी के घर के आसपास लोगों को पुलिस के जाने के बाद गिरफ्तारी की जानकारी मिली।
गली में सन्नाटा नजर आया। आरोपी की बहन सफिया ने बताया कि वह बुक मिलते ही गाड़ी चला लेता था। दूसरे काम भी करता था, लेकिन पुलिस क्यों ले गई, यह परिवार को नहीं बताया गया। पुलिस पर आरोप भी लगाए गए।
आरोपी का पिता भी गैस सिलिंडर सप्लाई का कार्य करता है। धर्म परिवर्तन के आरोपियों के साथ तालिब का गठजोड़ कैसे हुआ, पुलिस इसकी जानकारी जुटाने में लगी हुई है। खालापार पुलिस भी आरोपी के दोस्तों और अन्य लोगों की निगरानी कर रही है।
बहन बोली, मेरे भाई का गुनाह नहीं, फंसाया गया
आरोपी की बहन सफिया ने कहा कि उसके भाई का कोई गुनाह नहीं है। उसे फंसाया गया है। पुलिस सुबह 8:30 बजे पहुंची। घर में तोड़फोड़ की, मोबाइल छीन लिए। बुआ गुफराना ने भी पुलिस पर आरोप लगाए।
मौलाना कलीम भी बन गया था धर्म परिवर्तन का ठेकेदार
धर्म परिवर्तन के आरोपों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले फुलत का मौलाना कलीम सिद्दीकी मदरसे में पढ़ाते-पढ़ाते धर्मांतरण का ठेकेदार बन गया था। एटीएस की जांच में मौलाना के ट्रस्ट को खाड़ी देशों से तीन करोड़ रुपये की फंडिंग की जानकारी मिली थी।
कलीम को एटीएस ने 21 सितंबर 2021 की रात मेरठ से पकड़ा था। मौलाना को साल 2023 में जमानत मिल गई थी। बाद में दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।