उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले मेरठ में भी लिसाड़ी गांव के दूसरे समुदाय के 15-20 लोगों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर लगाकर पलायन की चेतावनी दी थी। वहीं, पुलिस अफसरों का कहना था कि यह सब दबाव बनाने की रणनीति के तहत हो रहा है। किसी को शिकायत है तो पुलिस-प्रशासनिक अफसरों से शिकायत करे।
बता दें कि ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के नूरनगर में मिठाई विक्रेता जॉनी की दुकान पर हुए बखेड़े के बाद लिसाड़ी गांव में सांप्रदायिक सद्भाव पर संकट पैदा होता दिखा था।
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