रविवार को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के नेतृत्व में शेरकोट में तीन फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई थी जिसमें पता चला कि इन बालों को जमा करने के लिए 20 हजार से भी ज्यादा नेवलों की हत्या कर दी गई। विभाग ने करीब 27 बोरे नेवले के बाल बरामद किए हैं। इसके अलावा नेवले के बालों से बने 56 हजार से अधिक अर्धनिर्मित ब्रश बरामद हुए हैं। ब्रश उद्योग को चमकाने के नाम पर नेवलों का देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर शिकार किया जा रहा था।
यह ब्रश अंतरराष्ट्रीय बाजार में केरबिन नाम से बेचे जाते हैं। देर रात तक डीएफओ कार्यालय में इनका वजन किया गया। प्रभारी डीएफओ इम्तियाज सिद्दीकी ने बताया कि बालों का वजन 1.30 क्विंटल आया है। इसके अलावा बने और अधबने 56 हजार 130 ब्रश टीम को मिले हैं। इनमें कुछ बाल अन्य पशुओं के भी बताए जा रहे हैं।
इतनी बड़ी मात्रा में नेवले के बाल मिलने से विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी हैरत में हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक नेवले से मुश्किल से 20 से 30 ग्राम बाल मिलते हैं। इतने बाल पाने के लिए 20 हजार से भी अधिक नेवलों का शिकार किया गया होगा। बताया गया कि नेवले के बालों से बना ब्रश तीन रुपये से लेकर 100 रुपये तक में बिकता है। अब वन विभाग की टीम दूसरे राज्यों से बाल लेकर आने वाले और शिकारियों को दबोचने में जुट गई है।
फैक्ट्री में मिले ब्रश
- फोटो : अमर उजाला
शेरकोट की फैक्ट्री में रोजाना बड़ी संख्या में नेवलों की हत्या करके उनके बाल उतारे जा रहे थे। यह पूरा खेल चोरी छिपे चल रहा था। नेवले का शिकार जिले में भी होता है। पहले जिले में काफी संख्या में नेवले दिखाई देते थे। जंगलों में नेवले झुंड में घूमते थे। मगर, अब नेवले बहुत कम दिखाई देते हैं।
तीन से पांच हजार रुपये किलो है कीमत
प्रभारी डीएफओ के मुताबिक नेवले के बाल तीन से पांच हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचे जाते हैं। नेवले के बाल के पार्सल एयरपोर्ट पर एक्सरे आदि में भी पकड़ में नहीं आते। इसलिए तस्कर व शिकारी नेवले के बालों को देश भर में सप्लाई कर रहे हैं।
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