एसओ मेडिकल सतीश कुमार ने बताया कि यह फर्जी कंपनी नाजिम उर्फ विक्रम की थी। उसने पहले मेरठ में सम्राट के नाम से फर्जी कंपनी खोली थी। साइबर सेल की छापामारी के डर के चलते उसने कंपनी बंद कर ली। फिर से 15 दिन पहले नई कंपनी खोली थी। पुलिस ने नाजिम की तलाश में उसके गांव रसूलपुर औरंगाबाद में भी दबिश दी। लेकिन सुराग नहीं लगा। नाजिम ने कई नामों से शहर में अलग अलग फर्जी कंपनियों चला रखी है।
कॉल कर बुलाते थे
पूछताछ में आरोपियों ने फाइनेंस कंपनी का हेड ऑफिस नोएडा में होना बताया। यहां तो सिर्फ कॉल करके लोगों को बुलाते थे। लोन दिलाने की सारी प्रक्रिया में प्रत्येक व्यक्ति से फार्म में खर्च के नाम पर 45 से 55 सौ रुपये लेते थे। ऑफिस में करीब 100 से ऊपर फार्म मिले हैं। जिनको पुलिस ने कब्जे में लिया है। लड़कियां ही दिनभर फोन करके लोन देने के नाम पर लोगों को बुलाती थीं। इस ऑफिस की शिकायत आसपास के लोगों ने पुलिस से की थी।
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