शहर की सड़कों पर 100 से अधिक महिलाओं से पर्स और मोबाइल फोन लूटने वाले शातिर गैंग के चार बदमाश धरे गए। करीब दो साल से लूटपाट करते आ रहे इस गैंग के तीन आरोपी अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 16 मोबाइल फोन, 17 लेडीज पर्स, सात घड़ियां, विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
एसपी सिटी रणविजय सिंह और एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने सोमवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर इस गैंग का पर्दाफाश किया है। एसपी सिटी ने बताया है कि केले वाले कोठी सदर बाजार निवासी राहुल, आशु, जुनैद और आदेश निवासी नई बस्ती लल्लापुरा टीपीनगर ने यह गैंग बनाया हुआ है। गैंग में सात बदमाश बताए गए हैं। इनके निशाने पर ई-रिक्शा में सवार महिलाएं और दुपहिया वाहन पर पीछे बैठीं महिलाएं होती थीं।
एसपी सिटी के अनुसार इस गिरोह के बदमाश महिलाओं से पर्स और मोबाइल लूटने में पल भर का समय लगाते थे। ई-रिक्शा में किनारे बैठी महिला अगर मोबाइल फोन पर बात करती दिखती थी या पर्स लापरवाही से किनारे रखा मिलता तो ये बदमाश बाइक को ई-रिक्शा के बराबर में लगाकर महिला से मोबाइल फोन या पर्स लूटकर फरार हो जाते थे। दुपहिया वाहन पर पीछे बैठी महिला से मोबाइल फोन और पर्स लूटने में देरी नहीं करते थे।
इन क्षेत्रों में की ज्यादा लूटपाट
एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने बताया कि करीब दो साल से शहर में सक्रिय इस गैंग के बदमाश मोबाइल और पर्स लूट में शतक लगा चुके हैं। ये लुटेरे ज्यादातर सदर बाजार, लालकुर्ती, रेलवे रोड और शास्त्रीनगर में वारदात करते थे। गिरोह के बाकी तीन बदमाशों की तलाश चल रही है।
एनआरआई से लूटा था पर्स
एसपी सिटी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले थापरनगर में आशु और जुनैद ने एनआरआई महिला से पर्स लूटा था। जिसका मुकदमा सदर बाजार थाने में दर्ज है। एनआरआई महिला का पर्स और विदेश में बना ड्राइविंग लाइसेंस आरोपियों से बरामद हुआ है।
इंस्पेक्टर सदर बाजार सुभाष अत्री ने बताया कि गाजियाबाद निवासी दीपाली पत्नी डॉ. आरपी सिंह से 16 दिसंबर को थापरनगर से पर्स छीना गया था। डॉ. आरपी सिंह पशुधन विभाग में डिप्टी डायरेक्टर हैं। उनका एक मोबाइल फोन आरोपियों से बरामद हुआ है।
आरती शर्मा पुत्री नरेंद्र शर्मा निवासी पंचशील कॉलोनी नौचंदी से दो जनवरी को पर्स छीना था। यह पर्स भी बरामद हुआ है। इसके अलावा दो महिलाओं से लूटा हुआ सामान भी इनसे बरामद किया गया। प्रेसवार्ता में पहुंचीं पीड़ित महिलाएं बोलीं कि यही असली लुटेरे हैं, जिन्होंने लूट को अंजाम दिया था।