आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने उसे ताबड़तोड़ तमाचे जड़ डाले। युवक कहता रहा कि साहब गलती हो गई। हरा भरा सर्किट हाउस देखकर सेल्फी ले रहा था। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। इंस्पेक्टर सिविल लाइन के अनुसार युवक नशे में था। रिपोर्ट दर्ज कर उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था।
बेहद संवेदनशील क्षेत्र
युवक बीच सड़क पर बाइक लेकर खड़ा था। नशे में धुत था। सर्किट हाउस बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, जहां वीआईपी आते रहते हैं। हमने यहां असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान चला रखा है। पहले भी कई युवक पकड़ चुके हैं। इस युवक ने पहले खुद को पुलिस लाइन निवासी बताया। बाद में सफाई कर्मी निकला। - शैलेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट