मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि छह अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी और कुर्की वारंट जारी करवाए थे। सभी छह आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मंगलवार को टीम ने मुखबिर की सूचना पर सहारनपुर में दबिश देकर यशराज सिंह को रेलवे रोड स्थित होटल सूर्यलोक के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यशराज ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वह टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दुकानों में नमकीन, चिप्स और अन्य सामान की सप्लाई करता था। उसके साथी विशाल सिंह ने विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी जिसमें आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा, जितेंद्र साहू और मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर को शामिल किया गया।
आरोपियों ने इससे पहले दिल्ली और नोएडा में भी विक्रम शर्मा की हत्या का प्रयास किया था लेकिन भीड़भाड़ के कारण सफल नहीं हो पाए। इसके बाद आरोपियों ने देहरादून में हत्या की साजिश रची। अंकित वर्मा को विक्रम शर्मा की रेकी के लिए कई बार देहरादून भेजा गया। पता चला कि विक्रम शर्मा सुबह जिम अकेले जाता है जिसके बाद जिम के बाहर हत्या की साजिश रची। यशराज ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो उसके पिता की थी। उसने ही आरोपी आकाश प्रसाद को फ्लाइट टिकट और अन्य खर्चों के लिए यूपीआई के जरिये पैसे भेजे थे।
हरिद्वार में होटल और किराये की स्कूटी का भुगतान भी उसी के माध्यम से किया गया था। हत्या के बाद यशराज अपने पिता और अन्य साथियों के साथ फरार हो गया था। उसका पिता राजकुमार सिंह पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक यशराज पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अपनी बुआ के घर छिपा हुआ था।
हाल ही में वह अपने पिता के वकील से मिलने हरिद्वार आया था और कानूनी सलाह लेने सहारनपुर पहुंचा जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।