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UP: केसी त्यागी रालोद में शामिल, दिल्ली में जयंत चौधरी ने दिलाई सदस्यता, वेस्ट की कई सीटों पर बदलेंगे समीकरण

Sun, 22 Mar 2026 02:53 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: जेडीयू का जाना-माना चेहरा रहे वरिष्ठ नेता केसी त्यागी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गए। उनके आने के बाद जहां रालोद को लाभ हो सकता है, वहीं पश्चिम की कई सीटों पर हलचल भी बढ़ेगी। 
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दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जयंत सिंह और केसी त्यागी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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KC Tyagi joins RLD: वरिष्ठ राजनेता किशन चंद (केसी) त्यागी रालोद में शामिल हो गए हैं। दिल्ली में आयोजित कार्यकत में पार्टी अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने उन्हें रालोद की सदस्यता दिलाई। नौवीं लोकसभा में हापुड़-गाजियाबाद के सांसद रह चुके केसी त्यागी पिछले 26 वर्षों से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का हिस्सा थे। उनके रालोद में आने से वेस्ट यूपी की कई सीटों पर समीकरण बदल सकते हैं। 
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जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली जाने के निर्णय के बाद जदयू को अलविदा कहने का फैसला किया। उनका मानना है कि बिहार तक सीमित जदयू में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेता के लिए भविष्य में कोई विशेष भूमिका नहीं रह जाती। अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और आपातकाल के समय जॉर्ज फर्नांडिस, लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और रामविलास पासवान जैसे दिग्गजों के साथ काम करने के अनुभव के साथ केसी त्यागी ने पिछले 26 वर्षों में केंद्रीय राजनीति में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। 

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नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को देखते हुए उनका रालोद में शामिल होना न केवल उन्हें सक्रिय राजनीति में बनाए रखने का एक प्रयास है, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी एक और पारी खेलने का संकेत भी देता है।
 

रालोद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य
रालोद, जो पारंपरिक रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित एक क्षेत्रीय दल रहा है, को चुनाव जीतने के लिए अकसर अन्य दलों के सहारे की आवश्यकता पड़ती है। चौधरी चरण सिंह के बाद, उनके पुत्र चौधरी अजित सिंह और अब पौत्र जयंत चौधरी, जाट समुदाय के बीच वह मजबूत पकड़ बनाए रखने में संघर्ष कर रहे हैं, जो चौधरी चरण सिंह के समय थी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के टिकैत बंधुओं जैसे नेताओं ने भी इस विरासत में सेंध लगाई है।
 

केसी त्यागी का आगमन और संभावित प्रभाव
केसी त्यागी के रालोद में शामिल होने से पार्टी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निश्चित रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में रालोद भाजपा के गठबंधन में शामिल है और जयंत चौधरी मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में रालोद और भाजपा के मिलकर चुनाव लड़ने की पूरी संभावना है, ऐसे में केसी त्यागी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
 

इन सीटों पर पड़ सकता है असर
मोदीनगर, मुरादनगर और सिवालखास जैसी सीटों पर, जहां भाजपा के साथ गठबंधन में रालोद का दावा कई वर्तमान विधायकों और भावी प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ सकता है। यह माना जा रहा है कि केसी त्यागी इन सीटों पर अपने करीबी लोगों को टिकट दिलाने के लिए जोर लगा सकते हैं, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ जाएगी।


 
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कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
मंत्री अनिल कुमार, पूर्व मंत्री अशोक यादव, सुरेंद्र त्यागी, महासचिव त्रिलोक त्यागी, पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, विधायक गुलाम मोहम्मद, अजय कुमार, राष्ट्रीय सचिव सुखवीर सिंह गठीना, बागपत जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर आदि मौजूद रहे। 
 
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