सहारनपुर में मुजफ्फनगर के कवाल जैसी घटना कभी भी हो सकती है। रामपुर मनिहारन में छात्राओं से छेड़छाड़ को लेकर शनिवार को संघर्ष हुआ। भीम आर्मी भी एक पक्ष की ओर से मैदान में उतर आई तो दूसरे पक्ष ने भीम आर्मी के कार्यकर्ता को ही पीट डाला। दोनों ओर से लगभग 30 लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। जिससे रामपुर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
रामपुर मनिहारन के एक गांव में लगभग दो वर्ष पूर्व छेड़छाड़ को लेकर ही संघर्ष हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। सिर्फ रामपुर मनिहारन में ही नहीं जिले भर में कई बार इस प्रकार की घटनाएं घटित हो चुकीं हैं। कुछ समय पूर्व उसंड में छेड़छाड़ को लेकर संघर्ष हुआ था, पथराव, फायरिंग हुई। जिसमें कई लोग घायल हुए। गांव के लोगों की समझदारी के चलते मामले को कुछ समय में ही शांत कर दिया गया।
देवबंद में पिछले वर्ष एक मोहल्ले की किशोरी बाजार से सामान लेकर घर लौट रही थी। कुछ युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। जिस पर दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे और दोनों में जमकर संघर्ष हुआ। जिसमें तीन लोग घायल हुए थे।
पिछले वर्ष सहारनपुर में महर्षि वाल्मीकि के निकाले गए जुलूस के समापन के बाद घर लौट रही युवतियों से छेड़छाड पर जमकर संघर्ष किया। जिसमें आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। चिलकाना के गांव फिरोजाबाद में भी छेड़छाड़ के विरोध में संघर्ष हुआ था। गढ़ी मलूक में कुछ समय पूर्व छेड़छाड़ पर बवाल हुआ था। जिसमें लोग एक धार्मिक स्थल तक जा पहुंचे थे और जमकर तोड़फोड़ की गई थी। इसी वर्ष मार्च में ग्राम शब्बीरपुर में ही वर्ग के दो पक्षों में छेड़छाड़ को लेकर संघर्ष हुआ था। एक के छप्पर में भी आग लगा दी थी।
इस प्रकार की लगातार हो रही घटनाओंसे तनाव की स्थिति बार-बार पैदा हो रही है। कभी धार्मिक तनाव हो रहा है तो कभी जातिय तनाव का जिले को सामना करना पड़ रहा है।
छेड़छाड़ पर महिला ने की थी आत्महत्या
शहर के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक महिला से एक युवक द्वारा व्हाट्सएप पर अभद्र पोस्ट करने एवं छेड़छाड़ करने से परेशान होकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। एक सप्ताह पूर्व ही चिलकाना के एक गांव में घुसकर एक युवती से छेड़छाड़ से शर्मिंदा होकर युवती ने जहरीला पदार्थ खा लिया था।
छेड़छाड़ से परेशान होकर पिछले वर्ष शहर के ही जनकपुरी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की दो छात्राओं ने कॉलेज जाना बंद कर दिया था। छेड़छाड़ ही नहीं छात्राओं के घर जाकर भी टीजिंग शुरू कर दी। छात्राओं ने पुलिस से शिकायत की। कार्रवाई न होने पर ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रमुख सचिव से शिकायत की। उसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गंगोह के एक गांव की चार छात्राओं ने इसी वर्ष अप्रैल में शोहदों से परेशान होकर कॉलेज ही छोड़ दिया था।