कारी शफीकुर्रहमान शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह पर बकरीद की नमाज से पहले तकरीर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में शख्सियत की तालीम को इस्लाम की तालीम से अधिक माना जा रहा है। हम शख्सियत के नाम पर बंटने लगे हैं। एक-दूसरे के खिलाफ बोलने लगे हैं। उन्होंने मुसलमानों को एकजुट होने का संदेश दिया। कहा कि हमारी एकजुटता को भंग करने का काम किया जा रहा है।
अल्लाह से डरो, बंदों से नहीं
कारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि इसी मुल्क के अंदर बहुत से राज्य हैं। मीट का कारोबार मुसलमान नहीं बल्कि गैर मुस्लिम कर रहे हैं। देश की सबसे बड़ी मीट एक्सपोर्ट कंपनी जैन समाज के व्यक्ति की है। फिर भी मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों अल्लाह से डरो, बंदों से नहीं। कुर्बानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हजारों साल से मुसलमान कुर्बानी करता चला आया है।