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यूपी: प्रधान चली गईं ससुराल, कौन सुधारे गांव का हाल, ग्रामीण हुए परेशान

Tue, 04 Sep 2018 05:24 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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धोखे से की शादी
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यूपी के सहारपुन जिले के कोठड़ा ग्राम निवासी गांव की महिला प्रधान के ससुराल चले जाने को लेकर काफी परेशान हैं। दरअसल गांव की महिला प्रधान अपने ससुराल चली गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह अब गांव में विकास कर्यों की निगरानी नहीं कर पा रही हैं। इसकी वजह से गांव का विकास नहीं हो रहा है और समस्याएं बढ़ रही हैं। इस मामले में उन्होंने सीडीओ से शिकायत कर विकास कार्य करवाने की मांग की। जानें आखिर महिला प्रधान के बिना  गांव वालों को क्यों करना पड़ता है दिक्कतों  का सामना :-

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सहारनपुर कोठड़ा ग्रामनिवासी गांव की महिला प्रधान के ससुराल चले जाने के बाद परेशानियों को सामना कर रहे हैं। दरअसल ग्राम प्रधान की शादी हो गई और वह अपने ससुराल चली गईं। ब्लाक गंगोह के गांव कोठड़ा की प्रथम महिला प्रधान हमीदा की आकस्मिक मौत हो गई थी। कुद दिन बाद उनके पति दीना भी चल बसे। इसके बाद डीएम ने गांव की ही एक ग्राम पंचायत सदस्य उजमा को कार्यवाहक ग्राम प्रधान बना दिया था। छह माह तक उजमा ही विकास कार्य देखती रही। इसके बाद ग्रामीणों ने सहानुभूति दिखाते हुए मृतक प्रधान हमीदा की बेटी आसमां को सर्वसम्मति से प्रधान बना दिया। 

ग्रामीणों के मुताबिक 24 दिसंबर 2017 को आसमां की शादी जिला शामली के कस्बा कांधला निवासी युवक के साथ हो गई। ईनाम, जुबेर हसन सहित अन्य ग्रामीणों ने सीडीओ को शिकायती पत्र देकर बताया कि शादी के बाद से आसमां ससुराल में ही रह रही है और कभी गांव आकर नहीं देखती। आरोप है कि आसमां का चाचा प्रधान प्रतिनिधि बनकर गांव में विकास कार्य कराने की बजाय फर्जी तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहा है।
 
 
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गांव में सरकारी हैंडपंप खराब होने से ग्रामीण शुद्ध पेयजल को तरस रहे हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों ने समस्या के समाधान की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान आसमां का कहना है कि वह गांव कोठड़ा में ही रहती है। उसका ससुर बीमार हो गया था। उसे देखने के लिए ससुराल गई थी जबकि गांव कोठड़ा के ग्राम सचिव नीटू कुमार ने बताया कि मामले के बारें में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।

उधर, डीपीआरओ सतीश कुमार का कहना है कि ब्लाक गंगोह कार्यालय से रिपोर्ट मांगी जाएगी कि महिला प्रधान गांव में ही है या नहीं। यदि प्रधान गांव में नहीं है तो किसी ग्राम पंचायत सदस्य को प्रधानी का चार्ज सौंपा जाएगा।

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