सपा नेताओं के जुबानी हमले पर राज्यपाल राम नाईक का कहना है कि वह राजनीतिक बयान नहीं देंगे। संवैधानिक काम करते रहेंगे। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रधानमंत्री से की गई शिकायत करने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह अपना काम कर रहे हैं। शिकायतकर्ता राजनीति कर रहे हैं। लोकायुक्त नियुक्ति को लेकर हुए विवाद पर कहा कि बिल सदन में पास होने के बाद उनके पास नहीं आया है। जब आएगा तो वह निर्णय करेंगे।
राज्यपाल रविवार को शहर में थे। वह मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन करने आए थे। इस दौरान प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वह कोई राजनीतिक बयान नहीं देंगे। आजम खां के हमले के जवाब पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। लोकायुक्त की नियुक्ति के संशोधन के मामले में कहा कि अभी बिल उनके पास नहीं आया है, जब आएगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
वह सही बिल को ही पास करेंगे। सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के 13 सांसदों को पत्र लिखकर तलब करने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा वह प्रदेश के राज्यपाल हैं। संवैधानिक अधिकार के तहत सांसदों को बुलाया है। यह सामान्य प्रक्रिया है। इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। विकास कार्य पर नजर रखना उनके अधिकार में है।
सरकार से लगातार टकराव के बीच अपने कार्यकाल के बारे में पूछने पर कुलाधिपति ने कहा यह काम मीडिया का है। वह काम के आधार पर समीक्षा करे। राज्यपाल ने कई सवालों का जवाब नहीं दिया। एमएलसी के मनोनयन के सवाल का जवाब नहीं दिया।