संकट की इस घड़ी में कार सवार सूर्या, आदित्य, अनुज और आशुतोष ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने दरवाजा खोलकर किसी तरह बाहर निकलकर कार की छत पर शरण ली और लोगों को मदद के लिए आवाज देने लगे। उनकी आवाज सुनकर राहगीर और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में ट्रैक्टर की मदद से डूबी हुई कार को भी बाहर खींच लिया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में गूगल मैप के कारण वाहन सवार भटककर दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। कई लोग गलत दिशा में चले जाते हैं और हादसों से दो-चार हो चुके हैं।