Meerut News: भैंसाली रोडवेज की बस बागपत से 35 सवारियां लेकर मेरठ आ रही थी। जानीखुर्द में गांव कुराली के निकट अचानक बस में आग लग गई। बस सीएनजी थी, गनीमत रही कि गैस सिलिंडर नहीं फटे, अन्यथा हादसा बड़ा हो सकता था।
मेरठ-बागपत हाईवे पर सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया। जानीखुर्द में गांव कुराली के समीप भैसाली डिपो की अनुबंधित रोडवेज बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस आग की लपटों से घिर गई। गनीमत यह रही कि बस में सवार सभी 35 यात्रियों ने समय रहते खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रोडवेज बस बागपत से सवारी लेकर मेरठ जा रही थी। बस में करीब 35 सवारी थीं। बस जब कुराली गांव के सामने पहुंची, तब अचानक उसमें से धुआं उठने लगा। इससे पहले कि यात्री कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बस के भीतर चीख-पुकार मच गई और अपनी जान बचाने के लिए यात्री खिड़कियों से बाहर कूदने लगे। इस अफरा-तफरी में कुछ यात्रियों को मामूली चोटें भी आईं, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं कुछ यात्रियों का सामान बस में ही रह गया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस हादसे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना पर पहुंची जानी थाना पुलिस को घंटों की मशक्कत के बाद जाम खुलवाने और यातायात सुचारू करने में सफलता मिली। सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीएनजी थी बस
इस हादसे में सबसे डराने वाली बात यह थी कि बस सीएनजी से संचालित थी। आग इतनी भीषण थी कि बस में लगे सीएनजी सिलिंडरों के फटने की पूरी संभावना बनी हुई थी। यदि आग से सिलिंडर फट जाते, तो यह हादसा एक बड़े विस्फोट में बदल सकता था और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। गनीमत यह रही कि आग बुझने तक सिलिंडर सुरक्षित रहे और कोई बड़ा धमाका नहीं हुआ।